सूरजपुर में पुलिसर्मी की पत्नी और बेटी की हत्या को 1 साल पूरे हो गए हैं। पुलिस की चार्जशीट से पता चला है कि रेपकर हत्या की गई।
14 अक्टूबर…ये वही तारीख है, जब सूरजपुर में हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी को कातिलों ने काट डाला। पहले मां से रेप किया, फिर चाकू से मारा। बच्ची के कपड़े उतारे, फिर धारदार हथियार से वारकर मार डाला। लाश को नग्न कर घर से 5KM दूर फेंक दिए थे।
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वारदात को आज एक साल पूरे हो गए हैं। मर्डर केस में 5 आरोपी जेल में बंद हैं। हत्याकांड का मास्टरमाइंड कुलदीप साहू है। साथ ही NSUI नेता CK चौधरी समेत 3 लोगों ने मिलकर मर्डर किया। 2 और साथियों ने बाद भागने में मदद की। आरक्षक पर खौलता तेल फेंका था। पुलिस पर फायरिंग की थी।
वारदात के बाद भड़के लोगों ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के घर में आग लगा दी थी। सूरजपुर में चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था। इसके साथ ही सभी आरोपियों के एनकाउंटर की मांग उठी। बवाल के बीच सरकार ने एसपी MR अहिरे को बदल दिया था। हालांकि थाना प्रभारी अभी भी वहीं पदस्थ हैं।

सबसे पहले पढ़िए कैसे शुरू हुआ विवाद और डबल मर्डर हो गया ?
दरअसल, 9 अक्टूबर की रात शहनाज अख्तर का जगराता कार्यक्रम था। हत्याकांड का मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू का नवापारा के कुछ लड़कों से झगड़ा हुआ था। 2 दिन बाद पुलिस संदीप साहू को भाजपा नेताओं के दबाव में उठाकर ले गई। इसके बाद थाने में बेदम पीटा।
हालांकि संदीप साहू के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इसे लेकर कुलदीप साहू भड़का हुआ था। कुलदीप साहू ने अपने भाई के साथ मारपीट करने वालों को टारगेट किया। इसमें पुलिसकर्मी भी शामिल था, जिसकी पत्नी और बेटी की हत्या हुई। उससे कुलदीप का पुराना विवाद भी था।

हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी की हत्या के बाद आरोपियों के खिलाफ भड़का आक्रोश।
तलवार से काट देने की धमकी देते हुए भाग निकला
13 अक्टूबर की शाम आरोपी कुलदीप साहू अपने साथियों आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह के साथ पुराने बस स्टैंड में बैठा था। रात करीब 9 बजे कॉन्स्टेबल घनश्याम सोनवानी ने देखा तो जिला बदर कुलदीप साहू को पकड़ने की कोशिश की।
इस दौरान कुलदीप साहू ने आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर खौलता तेल डाल दिया था। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर 13 अक्टूबर को कुलदीप को खोजने के लिए हेड कॉन्स्टेबल भी निकला था। इस दौरान कुलदीप ने हेड कॉन्स्टेबल पर गाड़ी चढ़ाने की भी कोशिश की थी। तलवार से काट देने की धमकी भी दी थी।

शाम को धमकी दी, रात में पत्नी-बेटी को काट डाला
13 अक्टूबर की शाम कुलदीप ने हेड कॉन्स्टेबल को धमकी दी। इसके बाद रात होते ही हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा। घर में हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी से रेप किया, फिर चाकू से काटा। इसके बाद बेटी को चाकू से काटा और कपड़े उतारकर दोनों लाशें घर से 5 किलोमीटर दूर फेंक दिए।
14 अक्टूबर को मिली मां-बेटी की लाश
हेड कॉन्स्टेबल ड्यूटी के बाद रात में जब घर पहुंचा तो खून ही खून बिखरा मिला। पत्नी और बेटी घर में नहीं थे। दीवारें और फर्श खून से सना हुआ था। रातभर पत्नी-बेटी को हेड कॉन्स्टेबल रातभर खोजता रहा, लेकिन मिले नहीं। 14 अक्टूबर को घर से 5 किलोमीटर दूर नग्न हालत में लाशें मिलीं थीं।

पुलिस पर फायरिंग कर भागा था मुख्य आरोपी
वारदात की रात पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की थी। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू ने तत्कालीन विश्रामपुर थाना प्रभारी की टीम पर फायरिंग की थी और भाग निकला था। कुलदीप साहू भागकर झारखंड चला गया था। एनकाउंटर के डर से वह वापस लौट रहा था। बलरामपुर पुलिस टीम ने उसे बस स्टैंड में उतारकर पकड़ लिया था।
आरोपियों का पुतला फांसी पर लटकाया
संयुक्त पुलिस परिवार ने आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोपियों के पुतलों को फांसी दी गई। उक्त मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर 15 दिनों में आरोपियों को फांसी देने की मांग संयुक्त पुलिस परिवार ने की थी।
इसके साथ ही वारदात से आक्रोशित लोगों ने कुलदीप साहू के घर और गोदाम के बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भीड़ उग्र हो गई थी। इसके बाद सरगुजा आईजी ने पुलिसकर्मियों के साथ मार्च निकाला था। वहीं आरोपियों को लेकर सियासत भी तेज हुई थी। कांग्रेस-बीजेपी एक दूसरे पर हमलावर थे।

हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी की हत्या के बाद भीड़ ने आरोपियों के घर पर हमला किया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद जोड़ी गई रेप की धाराएं
पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी के शवों का पोस्टमॉर्टम कराया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पत्नी से रेप की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने रेप की धाराएं जोड़ी हैं। इस मामले में अभी कोर्ट में सुनवाई चल रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के वकील संजय अंबष्ट ने बताया कि मामला सूरजपुर के फास्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन है। मामले में पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फारेंसिक और टेक्निकल जांच के बाद चालान तैयार किया है।पुलिस ने केस में बेहतर काम किया है।
वकील संजय अंबष्ट ने बताया कि मामले में अब तक 25 से अधिक गवाहों की गवाही पूरी हो गई है। बाकी गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। मामला रेयर ऑफ रेयरेस्ट है। मामले में वे अधिकतम सजा की मांग कोर्ट में करेंगे। फिलहाल कोर्ट में केस चल रहा है।
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