कर्मचारियों के तीन दिवसीय हड़ताल के चलते भटकते रहे लोग।
बिलासपुर समेत राज्य के सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। हड़ताल के पहले ही दिन कलेक्ट्रेट समेत ज्यादातर दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। इसके चलते दफ्तरों में काम-काज ठप रहा। वहीं, जरूरी काम से ऑफिस पहुंचे
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वो लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन, शासन के अड़ियल रवैए के कारण कर्मचारियों आक्रोश है। कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार ने बार-बार आश्वासन तो दिए, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही वजह है उन्होंने उग्र आंदोलन करने का ऐलान किया है। यह हड़ताल सोमवार से लेकर बुधवार तक जारी रहेगा।

सरकारी दफ्तरों में पसरा सन्नाटा, कुर्सियां खाली खाली नजर आई।
दफ्तरों में सन्नाटा, सरकारी कामकाज ठप कर्मचारियों के हड़ताल का असर पहले ही दिन दिखा। सोमवार को कलेक्ट्रेट सहित सभी सरकारी ऑफिस में कर्मचारी गायब रहे। इस दौरान सरकारी कामकाज ठप रहा। अपने जरूरी काम से पहुंचे लोग भटकते नजर आए। उनका कहना था कि वो कई दिन से काम के लिए चक्कर काट रहे हैं। अब हड़ताल के चलते उन्हें भटकना पड़ रहा है।

11 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू किया हड़ताल।
नेहरू चौक पर किया प्रदर्शन हड़ताल के पहले दिन कर्मचारी नेहरू चौक पर एकत्रिपत हुए। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने पुरानी पेंशन बहाली’ पर है कहा कि जिसे वे अपना बुढ़ापे का सहारा मानते हैं। उसे सरकार ने बंद कर दिया है। इसी तरह अन्य मांगों को लेकर लगातार सरकार से समन्वय बनाने की कोशिश की गई। लेकिन, सरकार को कर्मचारियों की सुविधाओं का ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से कोई सकारात्मक वार्ता नहीं हुई, तो वे बेमियादी हड़ताल पर जाएंगे।

नेहरू चौक पर धरना देकर किया प्रदर्शन।
ये है अधिकारी-कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांग
- पुरानी पेंशन योजना को अविलंब लागू किया जाए।
- संविदा एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मियों का नियमितीकरण हो।
- लंबित महंगाई भत्ते के एरियर का नकद भुगतान।
- सातवें वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों का निराकरण।
- सभी रिक्त पदों पर स्थाई भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो।
- कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड की सुविधा।
- प्रचार पर लगी पाबंदी हटाकर समय पर प्रचार करना।
- आउटसोर्सिंग प्रथा को समाप्त कर सीधी भर्ती हो।
- महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव का सरलीकरण।
- सेवाकाल के दौरान मृतक आश्रितों को तत्काल नियुक्ति।
- स्थानांतरण नीति को पारदर्शी और कर्मचारी हितैषी बनाना।
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