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NEET पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने आज रायपुर में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक पर विरोध प्रदर्शन कर कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की
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आप नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि 22 लाख से ज्यादा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक बड़े स्तर की मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं है।
हर बार पेपर लीक, फिर भी कार्रवाई नहीं
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में भी NEET पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में देशभर में 89 बार विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और 48 परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ीं।
आप नेताओं ने कहा कि लाखों छात्र सालभर मेहनत करते हैं, लेकिन एक रात में उनका भविष्य दांव पर लग जाता है।
छात्रों की आत्महत्या का भी मुद्दा उठाया
आम आदमी पार्टी ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं का भी मुद्दा उठाया। नेताओं ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गोवा और ग्वालियर में कई छात्रों ने तनाव और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण आत्महत्या कर ली।
पार्टी नेताओं ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और उनके परिवारों में भारी मानसिक दबाव बना हुआ है। इसके लिए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय जिम्मेदार है।
पंजाब सरकार के फैसले का किया जिक्र
प्रदर्शन के दौरान पंजाब सरकार के फैसले का भी उल्लेख किया गया। नेताओं ने कहा कि पुनः परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए पंजाब सरकार ने 20, 21 और 22 जून को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने का फैसला लिया है।
ये हैं आम आदमी पार्टी की मांगें
– केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
– NEET पेपर लीक मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) बनाई जाए।
– प्रभावित छात्रों को मुआवजा दिया जाए।
– परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
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