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स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने रायपुर के चंगोराभाठा इलाके में छापा मारकर नक्सली दंपती को गिरफ्तार किया है। दोनों बीजापुर के हैं और जुलाई से हेमंत देवांगन के मकान में किराए से रह रहे थे। इन पर 13 लाख रुपए का इनाम है। ये एक ठेकेदार के अधीन भवन
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दोनों बड़े नक्सली नेताओं के लिए शहर में रहकर दवाई से लेकर अन्य तरह के उपकरण और सामग्री की व्यवस्था करते थे। कुछ दिन पहले इन्हें नक्सलियों के बड़े नेता का फोन आया था। तभी से ये एसआईए के सर्विलांस पर आ गए थे। पुख्ता सूचना मिलने के बाद 23 सितंबर को दोनों को पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद डीडी नगर थाना में केस दर्ज किया गया है। इन्हें एसआईए ने रिमांड पर ले लिया है।
पुलिस ने बताया कि जग्गू कुरसम उर्फ रवि उर्फ रमेश (28) मूल रूप से गंगालूर, बीजापुर का रहने वाला है। उसने कुछ साल पहले कमला कुरसम (27) से शादी की थी। दोनों की संतान नहीं है। पुलिस का दावा है कि दोनों सक्रिय नक्सली हैं और बड़े नक्सलियों की मदद के लिए ही रायपुर आकर बसे थे। लगातार अपना लोकेशन बदल रहे थे। पहचान उजागर होने से बचने के लिए मजदूरी करने लगे।
आरोपियों के किराए के मकान की तलाशी के दौरान पुलिस ने सूटकेस से 10 तोले का सोने का बिस्किट, 1.14 लाख रुपए नकद, दो एंड्रॉइड फोन समेत अन्य सामान जब्त किया है। आरोपियों के कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं। इसमें कुछ और लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
रायपुर में पहले भी ऐसी कार्रवाई
साल 2005 में रायपुर के डंगनिया इलाके से सेंट्रल पोलित ब्यूरो के सदस्य नारायण सान्याल को गिरफ्तार किया गया था। वहीं 21 जनवरी 2008 में इसी इलाके से हथियारों से भरा बैग बरामद हुआ था। इसके ठीक एक दिन बाद यानी 22 जनवरी को डंगनिया के एक महिला छात्रावास से केएस शांतिप्रिया उर्फ मालती और मीना चौधरी उर्फ गीता चौधरी सहित अन्य को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से केएस शांतिप्रिया हाल ही में मारे गए नक्सली लीडर (सेंट्रल कमेटी मेंबर) कट्टा रामचंद्र रेड्डी की पत्नी थी।
11 साल की उम्र में नक्सली बना जग्गू, बड़ा लीडर बनकर नक्सलियों की भर्तियां भी कीं
प्रमोद साहू
. जग्गू कुरसम 11 साल की उम्र में नक्सली संगठन से जुड़ गया था। 2008 से वह हथियार लेकर जंगल में फोर्स से लड़ रहा था। जग्गू पहले गंगालूर इलाके में सक्रिय रहा, फिर माढ़ क्षेत्र में आ गया। वह कई कमेटियों में सदस्य रहा और अभी भैरंगढ़ डिवीजनल कमेटी मेंबर (डीवीसी) है।
वह संगठन को मजबूत करने और नई भर्ती में लगा रहा। वहीं, कमला 2014 में नक्सली संगठन से जुड़ी। उस समय वह 16 साल की थी। कमला अभी एरिया कमेटी मेंबर (एसीएम) है। दोनों की मुलाकात जंगल में हुई थी, वहीं से प्रेम शुरू हुआ, फिर शादी कर ली। चर्चा है कि दोनों दो साल पहले रायपुर आए थे। चंगोराभाठा इलाके में ये जुलाई से रह रहे थे। जग्गू पर 8 लाख और कमला पर 5 लाख का इनाम है। चंगोराभाठा के पहले रायपुरा, सरोना, उरकुरा, उरला, भिलाई और दुर्ग में रहा।
पति-पत्नी किसी से बात नहीं करते थे
आरोपियों के पड़ोस में रहने वाली बुजुर्ग हेमा देवांगन ने बताया कि दोनों किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। सुबह 9 बजे काम पर निकलते और रात 8-8:30 बजे के बीच लौटते थे। घर से भी ज्यादा बाहर नहीं निकलते थे। आसपास की दुकानों से राशन भी नहीं खरीदते थे। पड़ोसियों ने आज तक उनके मकान में किसी को आते-जाते नहीं देखा।
किराना दुकान व्यापारी हेमंत देवांगन ने इन्हें जुलाई में मकान किराए पर दिया था। पहले वहां पवन रहता था, जिसने जून में मकान खाली किया। वही जग्गू को लेकर आया था। कमला ने आईडी के तौर पर दूसरे की आईडी दी है। लेकिन हेमंत ने थाने में दोनों का सत्यापन भी नहीं कराया और न ही उनके दस्तावेज अपने पास रखे। अपुष्ट सूत्रों का कहना है कि जग्गू पिछले दो साल से रायपुर-भिलाई में रह रहा था। मजदूरी के अलावा वह ड्राइविंग भी करता था।
भास्कर एक्सपर्ट – आर.के. विज, रिटायर्ड डीजी
शहरी आंदोलन में सक्रिय रहते हैं अर्बन नक्सली
जहां भी मजदूर तबका या निचले स्तर पर जीवन यापन करने वाले लोग रहते हैं और जहां उनकी आबादी 35% से ज्यादा होती है। वहां अर्बन नक्सली सक्रिय रहते हैं। मास ऑर्गेनाइजेशन, यूनाइटेड फ्रंट और लॉजिस्टिक सपोर्ट, ये तीन तरह के काम अर्बन नक्सली करते हैं। शहर में होने वाले आंदोलनों में ये हमेशा सक्रिय रहते हैं।
कर्मचारी या छात्र संगठन के सदस्य के तौर पर सक्रिय रहते हैं। हमेशा मजदूरों और कर्मचारियों के बीच रहकर अपना प्रोपेगेंडा फैलाते हैं। इस दौरान नक्सली नेताओं की मदद करना, उनकी जरूरत का सामान पहुंचाना और हथियारों के लिए उपकरण या अन्य सामग्री भेजना भी इनका काम होता है। इनकी पहचान करना कठिन है। ये लोग फोर्स की मूवमेंट पर भी नजर रखते हैं और लगातार जंगल में आना-जाना करते रहते हैं।
मकान मालिक क्या छिपा रहा? मकान मालिक हेमंत देवांगन ने बातचीत करने से मना कर दिया। पुलिस जांच कर रही है कि वह क्या छिपा रहा है। पुलिस पवन नाम के युवक की भी तलाश कर रही है, जिसने दोनों को किराए पर मकान दिलाया था। ठेकेदार की भी तलाश जारी है, जहां दोनों काम करते थे।
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