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जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र के कंचाल इलाके में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान कोबरा 208 के जवानों ने नक्सलियों का डंप सामान बरामद किया है। इस दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाए विस्फोटक सहित अन्य सामान बरामद किए गए। नक्सलियों ने यहां बड़ा गड्ढा खोदकर सारा सामान छ
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हालांकि, जवानों ने समय रहते ही मौके से पूरा डंप सामान बरामद कर नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, कोबरा 208 की टीम ने ऑपरेशन लॉन्च कर कंचाल इलाके में सर्चिंग शुरू की। इसी बीच जंगल के बीच जमीन को देखकर उन्हें संदेह हुआ। जवानों ने जैसे ही गड्ढा खोदा, अंदर नक्सलियों का डंप मिला। इसमें बड़े पैमाने पर विस्फोटक सहित हथियार बनाने के सामान पाए गए। जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरा डंप अपने कब्जे में ले लिया।
फोर्स ने ये सामान बरामद किए नक्सलियों में डंप में गन पाउडर, बीजीएल शेल, कॉर्डेक्स वायर, बीजीएल राउंड, आरडीएक्स, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, नॉन इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, पटाखे, तीर बम (एरोड आईईडी), बैरल में उपयोग किया जाने वाला आयरन रॉड, इम्प्रूवाइज्ड ग्रेनेड, क्रिस्टल शुगर, रायफल बैनट, आयरन चिम्टा, आयरन रॉड, आयरन कटर, बैटरी, सोलर इनवर्टर, लिथियम बैटरी, स्पूल वायर, कॉपर वायर, स्टील कंटेनर, प्लास्टिक ड्रम, स्टील पाइप, आयरन फाइल, स्टील प्लेट, स्टील तार, नक्सली वर्दी, कोबरा पैटर्न की केमोफ्लॉज ड्रेस क्लॉथ, पिट्ठू, लाल कपड़ा, हरा कपड़ा, वेलक्रो शामिल है।
राजनांदगांव: जंगल में ढहाए दो नक्सल स्मारक गढ़चिरौली जिला माओवादी दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। यहां नक्सली आम नागरिकों के मन में दहशत पैदा करने और अपना अस्तित्व जताने के लिए जंगल व दूरदराज इलाकों में माओवादी स्मारक खड़े करते रहे हैं। इसी कड़ी में माओवादियों के हिंसक इतिहास का प्रतीक बने, पोस्ट कटेझरी थाना क्षेत्र के मौजा कटेझरी और मर्मा जंगल परिसर में बने नक्सली स्मारकों को गढ़चिरौली पुलिस बल के जवानों ने नष्ट कर दिया है।
नक्सल समर्थक को सीआरपीएफ ने किया गिरफ्तार
गढ़चिरौली पुलिस ने सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई में सक्रिय रूप से शामिल एक नक्सल समर्थक को 30 सितंबर को गिरफ्तार किया है। गढ़चिरौली पुलिस दल की प्रभावी माओवाद विरोधी कार्रवाई के चलते जनवरी 2022 से अब तक कुल 110 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
29 सितंबर को भामरागढ़ क्षेत्र में पोस्ट भामरागढ़ पुलिस दल और सीआरपीएफ 37 बटालियन एफ कंपनी के जवान माओवाद विरोधी अभियान चला रहे थे। इस दौरान अमले को गुप्त सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति भामरागढ़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों के जवानों की रेकी करने के उद्देश्य से घूम रहा है। इस पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने उसे 29 सितंबर को भामरागढ़ क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान संदिग्ध व्यक्ति टालमटोल जवाब देने लगा।
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