बिलासपुर में रेल यात्रियों की परेशानी: 8 किमी के सफर में नर्मदा एक्सप्रेस को लगे 90 मिनट
छत्तीसगढ़ में रेलवे की लेट-लतीफी ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। बिलासपुर में नर्मदा एक्सप्रेस को उसलापुर से बिलासपुर के बीच महज आठ किलोमीटर की दूरी तय करने में पूरे डेढ़ घंटे का समय लग गया। इस देरी के कारण ट्रेन में सवार यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, नर्मदा एक्सप्रेस को उसलापुर से बिलासपुर तक के इस छोटे से रूट पर डेढ़ घंटा लग गया। ट्रेन के बार-बार रुकने के पीछे आगे चल रही मालगाड़ियों का कारण बताया जा रहा है। मालगाड़ियों के चलते नर्मदा एक्सप्रेस को रास्ते में बार-बार रोकना पड़ा, जिससे उसकी रफ्तार काफी धीमी हो गई।
ट्रेन की इस देरी से उन यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं, जिन्हें आगे कनेक्टिंग इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़नी थी। कनेक्टिंग ट्रेन छूटने के डर से परेशान यात्री बीच रास्ते में ही नर्मदा एक्सप्रेस से उतर गए।
बीच रास्ते में उतरने के बाद यात्रियों ने ऑटो के जरिए जोनल स्टेशन तक पहुंचने का रास्ता चुना। इस तरह यात्रियों ने ऑटो लेकर जोनल स्टेशन पहुंचकर अपनी इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़ने की कोशिश की।
इस पूरी घटना से आहत यात्रियों ने रेलवे की लेट-लतीफी को लेकर भारी नाराजगी जताई। यात्रियों का कहना है कि रेलवे की इस तरह की लापरवाही के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि महज आठ किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे का समय लगना रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। आगे चल रही मालगाड़ियों के कारण ट्रेन का बार-बार रुकना यात्रियों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं साबित हुआ।
फिलहाल इस मामले में रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से इस तरह की लेट-लतीफी पर ध्यान देने और समय पर ट्रेनों के संचालन की मांग की है, ताकि उन्हें कनेक्टिंग ट्रेनों को पकड़ने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।



