50 एकड़ खेत डूबे, सड़क पर उतरे किसान:तुमाडबरी में 7-8 दिन से खेतों में भरा पानी, तहसीलदार ने ड्रेनेज खुलवाकर जल निकासी कराई

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महासमुंद जिले के लगातार बारिश के कारण ग्राम तुमाडबरी में करीब 50 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खेतों से पानी की निकासी नहीं होने से परेशान किसानों ने मंगलवार को तुमगांव रोड परसदा के पास सड़क पर बैठकर करीब एक घंटे तक धरना दिया। किसानों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार जुगल किशोर पटेल ने पेट्रोल पंप के ड्रेनेज को तुड़वाकर पानी निकासी का रास्ता खुलवाया, जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। समय रहते पानी नहीं निकला तो नुकसान धरना कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर और जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर चंद्राकर के नेतृत्व में किया गया। किसानों का कहना है कि खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण खड़ी फसल प्रभावित हो रही है। समय रहते पानी नहीं निकला तो उन्हें फसल और कृषि लागत दोनों के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। पुलिया टूटने के बाद पाइप से होती है पानी की निकासी किसानों के अनुसार, तुमाडबरी मुख्य मार्ग के आसपास खेतों से बारिश के पानी की निकासी के लिए पहले एक पुलिया थी। आरोप है कि बाद में पुलिया को तोड़कर वहां पेट्रोल पंप बनाया गया और पानी की निकासी के लिए पाइप लगाया गया। किसानों का कहना है कि सामान्य बारिश में पाइप से पानी निकल जाता है, लेकिन तेज और लगातार बारिश होने पर इसकी क्षमता कम पड़ जाती है। ऐसे में पानी खेतों में वापस भरने लगता है और जलभराव की स्थिति बन जाती है। 7-8 दिन से खेतों में पानी, फसल खराब होने का खतरा इस बार लगातार बारिश के कारण करीब 50 एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। किसानों के मुताबिक कई खेतों में 7 से 8 दिनों तक पानी जमा रहा है। लंबे समय तक पानी में डूबी रहने के कारण फसल खराब होने लगी है। किसानों ने बताया कि खेती में बीज, खाद, दवा, मजदूरी समेत अन्य संसाधनों पर बड़ी रकम खर्च होती है। ऐसे में फसल खराब होने पर उनकी पूरी मेहनत और लागत दोनों प्रभावित होंगी। जनदर्शन में भी दे चुके आवेदन, नहीं हुआ स्थायी समाधान किसानों के अनुसार जलभराव की समस्या को लेकर वे पहले भी कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन दे चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से स्थल निरीक्षण कराने और बारिश के पानी की स्थायी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की थी। किसानों का कहना है कि वे संबंधित अधिकारियों और सीईओ से भी मुलाकात कर चुके हैं और उन्हें नाली व पाइप की व्यवस्था कराने का आश्वासन मिला था, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। तहसीलदार पहुंचे तो खुलवाया ड्रेनेज, खत्म हुआ धरना मंगलवार को समस्या का समाधान नहीं होने पर किसानों ने तुमगांव रोड परसदा के पास सड़क पर धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर करीब एक घंटे बाद तहसीलदार जुगल किशोर पटेल मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा की। किसानों ने तत्काल पानी निकासी की मांग रखी। इसके बाद तहसीलदार के निर्देश पर पेट्रोल पंप के ड्रेनेज को तोड़कर पानी निकासी का रास्ता बनाया गया। पानी निकलने की व्यवस्था शुरू होने के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। किसानों ने कहा- हर बारिश में सड़क पर उतरना न पड़े किसानों का कहना है कि ड्रेनेज खोलने से फिलहाल राहत मिली है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। तेज बारिश होने पर दोबारा खेतों में पानी भरने की आशंका बनी रहेगी। किसानों ने प्रशासन से पूरे क्षेत्र का स्थल निरीक्षण कराने, जल निकासी की तकनीकी स्थिति की जांच करने और पर्याप्त क्षमता वाली पाइपलाइन, नाली या पुलिया का स्थायी निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर बारिश में सड़क पर उतरकर जल निकासी की मांग करने के बजाय ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे खेतों का पानी समय पर निकल सके और खड़ी फसल सुरक्षित रहे।
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