मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल: 72 वर्षीय दिव्यांग अभिमन्यु सिंह को मिली बैटरी चलित ट्राईसाइकिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल के तहत जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र के ग्राम लावाकेरा निवासी 72 वर्षीय दिव्यांग अभिमन्यु सिंह को तत्काल सहायता प्रदान की गई है। चलने-फिरने में असमर्थ अभिमन्यु सिंह को सीएम कैम्प कार्यालय बगिया में बैटरी चलित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्हें आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। यह सहायता मुख्यमंत्री की जरूरतमंदों को त्वरित राहत पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लावाकेरा निवासी अभिमन्यु सिंह, जिनके पिता का नाम जनार्दन सिंह है, की उम्र 72 वर्ष है। वे शारीरिक रूप से चलने-फिरने में असमर्थता का सामना कर रहे थे, जिससे उनके दैनिक कार्यों और आवागमन में गंभीर बाधा आ रही थी। अपनी इस गंभीर समस्या के समाधान की उम्मीद में वे मुख्यमंत्री के कैम्प कार्यालय बगिया पहुंचे थे।
अभिमन्यु सिंह ने सीएम कैम्प कार्यालय बगिया में अपनी परेशानी बताते हुए सहायता के लिए एक आवेदन प्रस्तुत किया। उनकी समस्या की गंभीरता को देखते हुए, कार्यालय में उपस्थित अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की और उनकी आवश्यकता को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री की पहल के कारण ऐसे मामलों में त्वरित निर्णय लिए जाते हैं।
उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए, उन्हें बिना किसी देरी के एक बैटरी चलित ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। यह ट्राईसाइकिल विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की गतिशीलता को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे उन्हें बिना किसी सहारे के आसानी से यात्रा करने में मदद मिलती है।
बैटरी चलित ट्राईसाइकिल मिलने से अभिमन्यु सिंह के जीवन में एक बड़ा बदलाव आएगा। अब वे पहले की अपेक्षा अधिक आसानी से अपने दैनिक कार्य कर सकेंगे, जैसे कि बाजार जाना, सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होना या अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए आवागमन करना। जरूरत के समय मिली इस सहायता से उन्हें न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी बड़ी राहत मिली है।
अभिमन्यु सिंह ने इस त्वरित सहायता के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहल उनके जैसे कई जरूरतमंदों के लिए एक बड़ा सहारा बन रही है। सीएम कैम्प कार्यालय बगिया के माध्यम से जरूरतमंदों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर उन्हें राहत पहुंचाने की यह पहल वास्तव में सराहनीय है और समाज के कमजोर वर्गों के लिए उम्मीद की किरण है।



