मोंथा चक्रवात का असर देश के अन्य प्रदेशों के साथ साथ छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिला है, जिसके कारण कई जिलों में बेमौसम बारिश हुई। 30 अक्टूबर को कवर्धा जिले में दिन भर बारिश का दौर जारी रहा। जिसके कारण किसानों के खेत में काटकर रखी गई फसल पूरी तरह बर्ब
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साल भर की मेहनत में अचानक हुई बारिश के कारण पानी फिर गया। ग्राम मटियारी के किसान परेशान नजर आ रहे है। फसल के लिए बैंकों से लिए कर्ज को छूटने की परेशानी बढ़ गई है। प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजा या अन्य सहायता तथा राहत की उम्मीद की है।

खेत में काटकर रखी गई फसल पूरी तरह बर्बाद।
4 एकड़ फसल बाढ़ में बह गया
कवर्धा जिले के ग्राम मटियारी के किसान मेलन जायसवाल ने बताया कि अक्टूबर माह में अचानक आए बारिश के कारण क्षेत्रीय सकरी नदी में 30 अक्टूबर की रात को अचानक बाढ़ आ गया।जिसके कारण उनके खेत में धान फसल पकने के काटकर रखे गए 4 एकड़ का फसल बह गया।
इसके अलावा खेत में भी डेढ़ से दो फिट तक पानी आया था। किसान का कहना है फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है।
किसान मेलन ने बताया कि उन्होंने सोसायटी से 4 लाख का कर्ज लिया था। जिसमें 2 खसरे का ही बीमा किया गया है। इस नुकसान के बाद उनपर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
किसान ने सरकार से गुहार लगाई है कि फसल बीमा के माध्यम से फसल के नुकसान की भरपाई की जाए। और उनका कर्जा भी माफ किया जाए।
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