![]()
मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष समेत मंत्रियों के बंगलों की सुंदरता बढ़ाने के लिए कई तरह के पौधे लगाकर फुलवारी तैयार की गई है। इसके लिए इन बंगलों में कर्मचारी तैनात किए जाते हैं। लेकिन, इन दिनों उद्यानिकी विभाग के अधिकारी परेशान हैं। दरअसल, प्रदेश के
.
रायपुर में भी मंत्रियों को अलग से बंगला अलॉट किया गया है। ऐसे में उद्यानिकी विभाग को दो-दो जगहों पर गार्डनिंग के काम के लिए कर्मचारी तैनात करना चुनौती बन गई है। इससे कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ गई है और मजदूरी भुगतान का खर्चा भी। इसके लिए उद्यानिकी विभाग ने अब शासन स्तर पर पत्र लिखकर 6 करोड़ रुपए अतिरिक्त बजट की मांग की है।
विभाग ने पत्र में लिखा है कि उनका बजट पूरी तरह से खत्म हो चुका है और अक्टूबर के बाद सैलेरी देने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। दरअसल, पूर्व में मंत्रियों के बंगलों में बागवानी का काम देखने के लिए कुल 200 कर्मचारी तैनात किए गए थे। लेकिन, नवा रायपुर में मंत्रियों की शिफ्टिंग के साथ ही वहां बागवानी के लिए अतिरिक्त कर्मचारी की जरूरत पड़ी।
ऐसे में अब कुल 350 कर्मचारी दोनों जगहों के बंगलों में बागवानी का काम देखते हैं। छत्तीसगढ़ में सीएम साय समेत कुल 14 मंत्री हैं। इनके लिए नवा रायपुर में नया बंगला बनाया गया है। वहीं, पूर्व में बनाए गए 11 मंत्रियों को पुराने रायपुर में भी बंगला अलॉट किया गया है।
इनमें से डिप्टी सीएम अरुण साव ने पुराना बंगला खाली कर पीडब्ल्यूडी काे हैंडओवर कर दिया है। इसके अलावा सीएम, वन मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, गृह मंत्री, उद्योग मंत्री और खाद्य मंत्री नवा रायपुर में शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन पुराने बंगले को हैंड ओवर नहीं किया है। वहीं, मंत्री ओपी चौधरी पुराने बंगले में ही रह रहे हैं और उन्होंने नवा रायपुर के बंगले में कोई काम नहीं कराया है।
पुराने बंगलों में हर साल होते थे 3 करोड़ खर्च अफसरों ने बताया कि रायपुर के बंगलों में बागवानी के लिए 3 करोड़ का सालाना बजट है। क्योंकि बंगलों में सीजन के हिसाब से फुलवारी सजाई जाती है। बारिश खत्म हो गया है। ऐसे में अब पुराने पौधों को हटाकर ठंड के सीजन के हिसाब से पौधे लगाए जाएंगे। विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इस बजट से उद्यानिकी विभाग द्वारा बंगलों में सीजन के हिसाब से साल में तीन बार फुलवारी लगाई जाती है।
7 माह बीते, पर नहीं मिला बजट
उद्यानिकी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025 के अप्रैल माह में विभाग ने नवा रायपुर के सभी बंगलों में फुलवारी सजाने और दैनिक वेतन भोगियों को वेतन देने के लिए 6 करोड़ के बजट का प्रपोजल बनाकर भेजा है। इसे भेजे हुए 7 माह बीत गए, लेकिन अब तक शासन ने बजट की मंजूरी नहीं दी है।
नवा रायपुर और पुराने रायपुर के बंगलों की देखभाल करनी पड़ रही है। इसलिए श्रमिक और पेड़ पौधों के रखरखाव में खर्च बढ़ गया है। इसके लिए शासन से बजट की मांग की गई है, लेकिन अभी तक नहीं मिला है। – मिथिलेश देवांगन, असिस्टेंट डॉयरेक्टर उद्यानिकी
<
