Uncategorized

मिलावटी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, आरोपित जेल दाखिल

मध्य प्रदेश में मिलावटी और जहरीली शराब से कई लोगों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग अलर्ट मोड पर है। आबकारी आयुक्त के सख्त निर्देश पर प्रदेशभर में चल रहे विशेष जांच अभियान के तहत सरगुजा संभागीय आबकारी उड़नदस्ता ने सूरजपुर जिले में कार्रवाई की है। टीम ने मिलावटी शराब बनाने वाले एक आरोपित को रंगे हाथों पकड़ा है, जिसके कब्जे से नकली ढक्कन और रैपर बरामद हुए हैं। यहां से ब्रांडेड के नाम पर मिलावटी शराब भी बरामद हुई है।

सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में उड़नदस्ता टीम सूरजपुर में गश्त पर थी। इसी दौरान सूरजपुर जिले के कुमदा चौक पर मुखबिर से सूचना मिली कि कुमदा बस्ती निवासी चंद्रप्रकाश राजवाड़े अपने घर में बड़े पैमाने पर शराब में मिलावट कर बेच रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने तत्काल उसके घर पर दबिश दी।

घर के एक कमरे में पहुंचते ही आबकारी टीम भी भौंचक रह गई। वहां शराब की मिलावट का पूरा कारखाना सजा हुआ था। जांच में लगभग 2500 नग विभिन्न ब्रांडों के ढक्कन, करीब 200 नग नकली लेबल-रैपर, बड़ी संख्या में खाली शीशियां और 12 लीटर तैयार मिलावटी शराब जब्त की गई। आरोपित ब्रांडेड बोतलों में कम दाम वाली शराब अथवा पानी मिलाकर बाजार में खपा रहा था।

आरोपित चंद्रप्रकाश राजवाड़े के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1), 34(2), 38(क) और 59(क) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश कर जेल दाखिल किया गया है। इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक टीआर केहरी, सहायक उप निरीक्षक रमेश दुबे, प्रधान आरक्षक अशोक सोनी और नगर सैनिक रोहित सोनवानी की भूमिका रही। कार्रवाई संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी इंद्रबली मार्कंडेय के दिशा-निर्देश पर की गई।

सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि मध्य प्रदेश की घटना के बाद आयुक्त के निर्देश पर अवैध और मिलावटी शराब कारोबारियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपित द्वारा ब्रांडेड शराब की बोतलों में ढक्कन, रैपर लगाकर मिलावटी शराब बिक्री की जा रही थी ताकि लोगों को संदेह न हो।

आरोपित चंद्रप्रकाश राजवाड़े ने अपने बयान में बताया कि वह एक साल पहले सूरजपुर विदेशी शराब दुकान में काम करता था। वहीं उसकी पहचान हुई थी जिनके माध्यम से उसके पास ब्रांडेड शराब की शीशी, रैपर और ढक्कन मिल जाया करता था।

सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि अब तक की जांच में यही पता चला है कि आरोपित एक बोतल शराब को दो बोतल कर देता था। इसके लिए पानी मिलाने का काम किया जाता था। कम दाम की शराब के मिश्रण से ज्यादा दर में बिक्री कर कमाई की जा रही थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button