छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में PG कोटे में कमी के खिलाफ राज्यभर के MBBS छात्रों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज किया। रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा हुए और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया।
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छात्रों का कहना है कि नए नियमों से उनका भविष्य प्रभावित होगा और राज्य के मेडिकल छात्रों के लिए PG प्रवेश बेहद मुश्किल हो जाएगा।

मेकाहारा में छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला।
समझिए क्या है विवाद?
छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन के अनुसार-
- देशभर में 50% PG सीटें अखिल भारतीय कोटे में जाती है।
- बाकी 50% सीटें राज्य सरकार अपने मेडिकल कॉलेजों के MBBS छात्रों के लिए सुरक्षित रखती है।
लेकिन नए फैसले के बाद-
- राज्य कोटा 50% से घटाकर 25% कर दिया गया।
- केंद्रीय कोटा 50% से बढ़ाकर 75% हो गया।
फेडरेशन का कहना है कि इससे छत्तीसगढ़ के हजारों छात्रों को नुकसान होगा, क्योंकि वे अपने ही राज्य में PG करने के हक से वंचित हो जाएंगे।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने भी नए नियमों का विरोध किया है। PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि देश के किसी भी राज्य में ऐसा मॉडल नहीं है, जहां राज्य का कोटा 25% और केंद्र का 75% हो। इस फैसले को उन्होंने लोकल स्टूडेंट के खिलाफ बताया है। कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार को निर्णय वापस लेकर छात्रों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।
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