जेल से बचने के लिए बीमारी का बहाना? कोरबा में पुलिस की नाक के नीचे अस्पताल में ऐश कर रहा दुष्कर्म का आरोपी
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां दुष्कर्म का आरोपी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्पेशल वार्ड में बेखौफ होकर मोबाइल चलाते और गुटखा खाते हुए देखा गया है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें आरोपी पवन महतो अस्पताल के बिस्तर पर आराम फरमाते हुए फोन पर बात कर रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि उसकी सुरक्षा में तैनात दो पुलिस आरक्षक बगल के ही बिस्तर पर सोते हुए नजर आए। मीडिया का कैमरा देखते ही आरोपी ने आनन-फानन में अपना मोबाइल छिपाने की कोशिश की।
आरोपी पवन महतो पर एक 32 वर्षीय महिला से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप है। चर्चा है कि आरोपी जेल जाने से बचने के लिए बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हुआ है। हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच के दौरान उसकी तबीयत खराब होने की शिकायत पर उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया था। यह पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर अब सवाल उठ रहे हैं।
पीड़ित महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, वह कोरबा के खरमोरा इलाके की रहने वाली है और उसके पति की मृत्यु हो चुकी है। वह वर्तमान में अपनी बेटी के साथ अपने माता-पिता के घर में निवास कर रही है और अपनी आजीविका के लिए प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करती है। महिला ने पुलिस को दिए अपने आवेदन में विस्तार से बताया कि 14 अप्रैल 2022 को वह सतरेंगा में पिकनिक मनाने के लिए गई थी। इसी दौरान जमीन के एक सौदे के सिलसिले में उसकी मुलाकात पवन महतो नामक व्यक्ति से हुई थी। पवन कोरबा के एक निजी पावर प्लांट में कार्यरत है और अभिनंदन कॉम्प्लेक्स के पास उसकी चार डिसमिल जमीन थी, जिसे बिकवाने के लिए दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे जान-पहचान गहरी होती गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जान-पहचान बढ़ने के बाद पवन महतो ने महिला के प्रति अपनी रुचि दिखाई और उससे कहा कि वह उसे पसंद करता है और उससे विवाह करना चाहता है। महिला के आरोपों के मुताबिक, 19 अप्रैल 2023 को पवन उसे रामपुर हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने किराए के फ्लैट में लेकर गया। वहां उसने महिला की सहमति के बिना उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। महिला ने पुलिस को बताया कि इसके बाद भी पवन लगातार शादी का झांसा देता रहा और कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब भी महिला उससे शादी की तारीख तय करने के बारे में पूछती थी, तो पवन यह कहकर बात टाल देता था कि वह अपनी पहली पत्नी को कानूनी रूप से तलाक देने के बाद उससे विधिवत शादी कर लेगा।
लंबे समय तक शादी का झांसा देकर शोषण किए जाने और वादे से मुकरने के बाद, पीड़िता ने अंततः 8 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन रामपुर थाने में आरोपी के खिलाफ लिखित आवेदन दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। इसके पश्चात 10 अक्टूबर को पुलिस ने पवन महतो को हिरासत में लिया और उसे मेडिकल लीगल केस (MLC) तथा मुलाहिजा जांच के लिए ले जाया गया। इसी प्रक्रिया के दौरान आरोपी ने स्वास्थ्य खराब होने का दावा किया, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती आरोपी की निगरानी के लिए दो आरक्षकों की तैनाती की गई थी, लेकिन सामने आए वीडियो ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि आरोपी न केवल मोबाइल का उपयोग कर रहा है, बल्कि गुटखा खाकर अस्पताल के नियमों की भी धज्जियां उड़ा रहा है। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी गहरी नींद में सो रहे थे। मीडियाकर्मियों द्वारा बनाए गए इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और आरोपी को मिल रही सुविधाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम और आरक्षकों की लापरवाही पर कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि जिस समय यह वीडियो बनाया गया, उस समय आरोपी की गिरफ्तारी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी और वह तकनीकी रूप से पुलिस कस्टडी में नहीं था। हालांकि, उसके भागने की किसी भी संभावना को रोकने के लिए एहतियातन आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। सीएसपी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और यदि आरक्षकों की लापरवाही प्रमाणित होती है, तो पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशानुसार उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।




