कोरबा में बुलेट की चपेट में आईं तीन महिलाएं, दो की मौत; डांडिया-जसगीत कार्यक्रम बंद

छत्तीसगढ़ में तीन अलग-अलग सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो गई है। ये घटनाएं अंबिकापुर, सूरजपुर और कोरबा जिले में हुई हैं। हादसों में कई लोग घायल भी हुए हैं। पुलिस ने तीनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला अंबिकापुर के जयस्तंभ चौक का है। यहां दुर्गा पंडाल के पास जगराता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसके लिए जयस्तंभ चौक से अग्रसेन चौक के बीच सड़क पर आवागमन रोकने के लिए दोनों ओर बांस गाड़कर मोटी रस्सी बांधी गई थी। आगे यातायात विभाग की बैरिकेडिंग भी लगाई गई थी। 16 अक्टूबर की रात मायापुर निवासी फैजान आलम अपने साथी समीर के साथ बुलेट से अग्रसेन चौक की ओर से जयस्तंभ चौक पहुंचा। बताया जा रहा है कि सड़क पर बंधी रस्सी दिखाई न देने के कारण वह सीधे उससे टकरा गया। रस्सी फैजान के गले में फंस गई और दोनों बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया है।
हादसे में फैजान और उसका साथी समीर गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने फैजान को मृत घोषित कर दिया। समीर का इलाज जारी है। मृतक के परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग जयस्तंभ चौक पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने जगराता कार्यक्रम बंद करा दिया। परिजन और मुस्लिम समुदाय के लोग थाने पहुंचे और आयोजन समिति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस ने आयोजन समिति के सुरेश कन्नौजिया, संदीप अग्रवाल समेत अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 125(ए) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। युवक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रखा गया था।
दूसरा मामला सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर का है। शनिवार रात तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने स्कूटी सवार महिला को कुचल दिया। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। महिला बिहारपुर चौक से पूजा का सामान लेकर घर लौट रही थी। एक क्रेशर के गिट्टी लोड ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मारी, पहिया उनके ऊपर से निकल गया। ड्राइवर हादसे के बाद फरार हो गया।
इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग चक्काजाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान मामला हिंसक हो गया। ग्रामीणों ने बस्ती में चल रहे अवैध क्रेशर में आग लगा दी। मौके पर पहुंचे एसडीओपी, थाना प्रभारी (टीआई) और तहसीलदार को भी बंधक बना लिया। हादसे के बाद भड़के ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे तक सड़क जाम रखा। उनकी मांग है कि बस्ती के अवैध क्रेशर को हटाया जाए, ड्राइवर को पकड़ा जाए और मृतक परिवार को मुआवजा मिले।
तीसरा मामला कोरबा जिले के गोपालपुर का है। 16 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे गोपालपुर की 7 से 9 महिलाएं मादर, थाप और ढोल लेकर गांव के पास स्थित ठाकुर देवता स्थल पर कीर्तन-भजन और जसगीत गाने जा रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार बुलेट पर सवार तीन युवक वहां से गुजरे। बताया जा रहा है कि बुलेट अनियंत्रित हो गई और महिलाओं की टोली को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में तीन महिलाएं बुलेट की चपेट में आ गईं। इनमें से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गई।
मृतकों की पहचान 53 वर्षीय बिंदा महंत और बरबस महंत के रूप में हुई है। दोनों गोपालपुर की रहने वाली थीं और आपस में रिश्तेदार बताई जा रही हैं। वहीं, बुलेट चला रहा राहुल नाम का युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। बुलेट पर पीछे बैठे दो अन्य युवकों को भी मामूली चोटें आई हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। गोपालपुर में चल रहे डांडिया और जसगीत के कार्यक्रम को बंद करना पड़ा। त्योहार के बीच हुए इस हादसे से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल और निजी अस्पताल से सड़क हादसे में दो लोगों की मौत की सूचना मिली थी। इसके आधार पर बयान दर्ज किए गए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि दर्री-गोपालपुर में तेज रफ्तार बुलेट ने महिलाओं को टक्कर मारी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।




