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आखिरकार 19 दिनों बाद शहरवासियों को पानी संकट से राहत मिलने वाली है। खूंटाघाट नहर की रिपेयरिंग का काम बुधवार देर शाम पूरा कर लिया गया है। इसी रात आधी रात के बाद ट्रायल के तौर पर नहर में पानी छोड़ा जाएगा। यदि गुरुवार सुबह और शाम की सप्लाई के दौरान पानी की गुणवत्ता संतोषजनक रहती है, तो शुक्रवार से नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। नगर निगम जल विभाग के प्रभारी अनुपम तिवारी ने इसकी पुष्टि की है।
खूंटाघाट बांध से नहर के माध्यम से शहर के करीब 40 हजार से अधिक लोगों को पानी सप्लाई की जाती है। 276 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के ड्राई हो जाने के कारण पिछले 19 दिनों से सप्लाई पूरी तरह बंद थी। इससे कई वार्डों में भीषण जलसंकट की स्थिति बन गई थी। लोग सुबह-शाम पानी की तलाश में भटकते रहे। कई जगहों पर लोगों को दूसरे मोहल्लों से पानी लाना पड़ा।
संकट बढ़ने पर नगर निगम ने बंद पड़े बोरों को चालू कर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की कोशिश की, लेकिन वर्षों से बंद बोर अचानक चालू करने पर हवा छोड़ने लगे और पानी का फोर्स बेहद कम हो गया। कुछ वार्डों में टैंकर से सप्लाई भी शुरू की गई, फिर भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था। नागरिकों ने बताया कि खूंटाघाट से नियमित सप्लाई होने के बाद अधिकांश बोर बंद कर दिए जाते हैं, ऐसे में अचानक जरूरत पड़ने पर वे बेहतर ढंग से काम नहीं कर पा रहे थे। उम्मीद है कि ट्रायल सफल होने पर शुक्रवार से 40 हजार से अधिक लोगों को फिर से साफ पानी मिलना शुरू हो जाएगा और लंबे समय से जारी पानी संकट समाप्त होगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार नहर के दोनों किनारों पर हुए केनाल कटाव और बारिश से हुए नुकसान को ठीक करने के लिए रिपेयरिंग जरूरी हो गई थी। बांध से सप्लाई बंद कर नहर सूखने के बाद निगम ने सफाई और मरम्मत का काम शुरू किया, जिसके चलते 19 दिनों तक सप्लाई रोकना मजबूरी था। नगर निगम के एक वरिष्ठ कार्यपालन यंत्री के अनुसार खुले नहर सिस्टम से सप्लाई होने के कारण हर साल बारिश में ऐसी समस्याएं खड़ी होंगी। कई बार कोई नहर काट देता है या तेज बारिश में मेढ़ कट जाती है। ऐसे में नहर की मरम्मत और सफाई बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाती है और सप्लाई बाधित करनी पड़ती है।
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