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शहर के आमापारा में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दूसरे दिवस शुक्रवार को निरंजन महाराज ने कलियुग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के परमधाम गमन के बाद ही कलियुग का प्रवेश हुआ। कलियुग की आयु चार लाख बत्तीस हजार वर्ष बताई गई है। उन्होंने कथा के माध्यम से बताया कि कलियुग ने राजा परीक्षित से निवास स्थान की मांग की थी, जिस पर उसे चार प्रमुख स्थान मदिरा, गणिका, जुआ और हिंसा प्रदान किए गए।
बाद में कलियुग के निवेदन पर राजा परीक्षित ने उसे रजोगुणी वस्तु स्वर्ण को भी निवास का स्थान दे दिया। यही रजोगुणी स्वर्ण मुकुट, जो राजा परीक्षित को जरासंध के खजाने से प्राप्त हुआ था, धारण करने के बाद उनकी बुद्धि पर कलियुग का प्रभाव पड़ गया, जिसके कारण उनसे एक अपराध हो गया।
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