जशपुर में मिठाइयों में मिलावट की आशंका, पेठा-सोनपापड़ी समेत 8 नमूनों की लैब जांच

जशपुर जिले में दीपावली पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए एक सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभाग ने अब तक कुल 13 फर्मों का निरीक्षण किया है और विभिन्न खाद्य पदार्थों के 8 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। विभाग का यह अभियान आगामी क्रिसमस उत्सव तक जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।

निरीक्षण की गई 13 फर्मों में कुनकुरी स्थित इम्पीरियल सुपर मार्केट, जशपुर के अशना फास्ट फूड सेंटर, दिलबहार नास्ता सेंटर, आदि वेदायु नुट्रिशनल जूस सेंटर, शेफ आर के बेकरी, अश्विनी अमृततुल्य, सीजी 14 फैमिली ढाबा, मधुबन स्वीट्स, उत्कल रेस्टोरेंट, नीलेश स्वीट्स, नीलेश डेयरी और श्री बालाजी बीकानेर स्वीट्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बगीचा रोड पर न्यू स्मार्ट मार्केट का भी निरीक्षण किया गया है। यह कार्रवाई जिले के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर की गई है।
विभाग द्वारा जांच हेतु संकलित किए गए 8 खाद्य नमूनों में पेठा, सोनपापड़ी, गुड़ रसगुल्ला, चमचम, खोवा पेड़ा, बेसन लड्डू, मगज बूंदी लड्डू और काला गुलाबजामुन जैसे लोकप्रिय मिठाइयां और खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि विगत माह में अरुण दूध डेयरी, बनिया टोली, जशपुर से संकलित किए गए दो खाद्य नमूनों में गंभीर मिलावट पाई गई थी। पनीर और खोवा के इन नमूनों में लेड/सीसा धातु (हैवी मेटल कॉन्टेमिनेशन) की उपस्थिति पाई गई, जिसके बाद दोनों नमूनों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया। इस प्रकरण में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विवेचना अभी भी जारी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि दीपावली और आगामी क्रिसमस उत्सव के मद्देनजर यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। विभाग का लक्ष्य है कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार के मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके, ताकि आम जनता के स्वास्थ्य को कोई खतरा न हो।







