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जमशेदपुर रेस्टोरेंट फायरिंग के चार आरोपित अंबिकापुर में गिरफ्तार, सरगुजा पुलिस ने अर्टिगा कार जब्त की

जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में 11 राउंड फायरिंग कर दहशत फैलाने की साजिश में शामिल झारखंड के चार गैंगस्टर को सरगुजा पुलिस ने अंबिकापुर में गिरफ्तार कर लिया है। गोलीबारी में चार लोग घायल हुए थे। झारखंड पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर सरगुजा जिले में घेराबंदी कर रविवार रात चारों को मणिपुर थाना के सामने वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। इनके पास से एक अर्टिगा कार भी जब्त किया गया है। झारखंड की जमशेदपुर पुलिस ने स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लिया है। आरोपितों को लेकर टीम वापस जमशेदपुर के लिए रवाना हो चुकी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार झारखंड पुलिस ने सरगुजा पुलिस को सूचना दी थी कि फायरिंग में शामिल अपराधी अर्टिगा वाहन से ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ की ओर भागे हैं और बिलासपुर होते अंबिकापुर के रास्ते से गुजर सकते हैं। इनपुट के आधार पर एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर जिले भर में नाकेबंदी कराई गई। मणिपुर थाना क्षेत्र में पुलिस वाहनों की सघन जांच कर रही थी।

इसी दौरान एक संदिग्ध अर्टिगा तेज गति से आती दिखी। पुलिस ने मिले हुलिया और नंबर के आधार पर वाहन को रोका। कार में चार युवक सवार थे, जो पुलिस को देखकर घबरा गए। कड़ाई से पूछताछ करने पर पहले वे गुमराह करने लगे, लेकिन बाद में टूट गए और स्वीकार किया कि जमशेदपुर के उडुपी रेस्टोरेंट में उन्होंने ही गोलीबारी की थी।

पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि ये चारों वही हैं जिन्होंने रेस्टोरेंट के भीतर घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की साजिश में शामिल थे। शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे जमशेदपुर के उक्त रेस्टोरेंट में फायरिंग में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशाद और अन्य भोजन कर रहे थे, तभी बाइक पर आए बदमाशों ने 11 राउंड फायरिंग कर चार लोगों को घायल कर दिया था।

वारदात के पीछे जमीन कारोबार और रेलवे ठेकेदारी के वर्चस्व की रंजिश बताई जा रही है। सरगुजा पुलिस ने चारों आरोपितों को हिरासत में लेकर स्थानीय स्तर पर मेडिकल परीक्षण करा लिया है। घटना में प्रयुक्त हथियारों के संबंध में भी झारखंड पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मणिपुर उप निरीक्षक सी. पी. तिवारी, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, प्रधान आरक्षक छात्रपाल सिंह, प्रधान आरक्षक रजनीकान्त मिश्रा, थाना मणिपुर से प्रधान आरक्षक नरेन्द्र जांगड़े, आरक्षक निरंजन बड़ा, नरेश सिंह, अनिल सिंह, रामशंकर यादव एवं सैनिक ओमप्रकाश दुबे शामिल रहे।

अंबिकापुर में पकड़े गए चारों आरोपित कुख्यात अपराधी हैं। इनका पुराना अपराधिक रिकार्ड है। इनमें रमेश कुमार शर्मा उर्फ टीटू (50) राउरकेला थाना राउरकेला जिला सुंदरगढ़ ओडिशा वर्तमान निवास जमशेदपुर, मनोज उर्फ भन्दू सरकार (53) निवासी परसुडीह थाना परसुडीह जिला पश्चिम सिंहभूम झारखंड, दीपू ओझा (35) बिरसानगर जमशेदपुर तथा शंकर मुंडा (42) निवासी सीताराम डेरा थाना सीताराम पूर्वी सिंहभूम झारखंड शामिल है। ये जमशेदपुर में एक अपराधिक गिरोह से जुड़े हुए हैं।

शनिवार दोपहर जमशेदपुर में ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद चारों आरोपित चारपहिया वाहन से ओडिशा में प्रवेश कर गए थे। छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने के बाद पकड़ में नहीं आने की संभावना पर ये घुसे थे। उधर झारखंड की जमशेदपुर पुलिस तकनीकों के आधार पर इनकी जानकारी जुटा रही थी। बिलासपुर के रास्ते अंबिकापुर की ओर बढ़ने की सूचना पर अंबिकापुर की मणिपुर थाना पुलिस अलर्ट हुई थी। चारों शूटर अर्टिगा वाहन क्रमांक जेएच 05 ईए 7928 में सवार थे। इसी से पुलिस का संदेह गहराया। आरोपितों से पूछताछ में जमशेदपुर की घटना में इनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई।

आरोपितों की गिरफ्तारी की सूचना देर रात ही जमशेदपुर पुलिस को दे दी गई थी। सोमवार सुबह वहां की पुलिस विशेष सुरक्षा दस्ते के साथ अंबिकापुर पहुंची। चारों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया। शूटरों तथा उनके द्वारा उपयोग किए गए अर्टिगा कार को साथ लेकर पुलिस टीम वापस लौट गई है। इन सभी के विरुद्ध जमशेदपुर के थाना सोनारी में धारा 109, 111(2)(बी), 3(5), 61(2) बी.एन.एस. एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

झारखंड पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि पुलिस फायरिंग के पीछे जमीन कारोबार और रेलवे ठेकेदारी से जुड़ा विवाद प्रमुख है। शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश और वर्चस्व ही सामने आया है। घायल डोमनिक सैमसन का रेलवे ठेकेदारी में वर्चस्व को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है, जबकि घायल रिजवान के जमीन कारोबार से जुड़े होने की जानकारी भी पुलिस की जांच में शामिल है।

पुलिस गिरफ्तार चारों आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की साजिश कैसे तैयार की गई, गोली चलाने वालों को किसने भेजा और हथियार समेत अन्य प्रबंध में कौन-कौन शामिल थे। पुलिस अब फायरिंग करने वाले आरोपितों तक पहुंचने के साथ वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी।

शनिवार दोपहर करीब 1.30 बजे बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में डोमनिक सैमसन, रिजवान और दिलशाद समेत अन्य लोग खाना खा रहे थे। इसी दौरान बाइक से तीन युवक पहुंचे थे, इनमें से दो युवक रेस्टोरेंट के अंदर गये और फायरिंग शुरू कर दी, जबकि तीसरा बाइक के पास रुका रहा, अचानक गोलियां चलने से रेस्टोरेंट में अफरातफरी मच गई थी। घटना में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशाद और कृष्णा चौधरी घायल हुए है।

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