छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। भलेसर रोड स्थित वार्ड नंबर 29 में राजस्व विभाग द्वारा स्थगन आदेश जारी किए जाने के बावजूद पक्का निर्माण कार्य जारी है।
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यह मामला शास्त्री चौक से भलेसर जाने वाले मुख्य मार्ग से लगी शासकीय भूमि खसरा नंबर 1950/1 से संबंधित है। इस जमीन का रकबा 1.985 हेक्टेयर है और यह घास तथा विकासखंड कार्यालय के लिए दर्ज है।
आरोप है कि भाजपा से जुड़े कुछ लोग इस पर 1440 वर्ग फुट क्षेत्र में पुराने कच्चे मकान को तोड़कर पक्का निर्माण कर रहे है।
वहीं, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने इसमें उचित कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि चाहे पार्टी के कार्यकर्ता ही क्यों न हो। कानून से कोई नहीं बच सकता।

सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का मामला।
निर्माण कार्य पर स्थगन आदेश के बावजूद काम जारी रहा
स्थानीय निवासियों की शिकायत के बाद, तत्कालीन तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू ने पिछले साल 24 जून को निर्माण कार्य पर स्थगन आदेश जारी किया था। हालांकि कब्जाधारियों ने अवैध निर्माण को छिपाने के लिए सामने टीन की चादरें लगा दीं और अंदर ही अंदर निर्माण जारी रखा।
राजस्व अधिकारियों ने कथित तौर पर इस पर ध्यान नहीं दिया, और अब निर्माण लेंटर ढलाई तक पहुंच गया है।

स्थगन आदेश के बावजूद छत की लेंटर भी ढल गई।
मंत्री बोले- कानूनी कार्रवाई से कोई नहीं बच सकता
इस मामले में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का कहना है कानूनी कार्रवाई से कोई भी बच नहीं सकता। चाहे पार्टी के कार्यकर्ता ही क्यों न हो। मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा सख्त कार्रवाई होगी। छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय का सुशासन चल रहा है, और हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम करती है।
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