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Home » If the liquor labeled Rifle-Pistol isn’t sold, the shop staff will face salary cuts and a fine of Rs 80 lakh will be recovered. | अजीबोगरीब आदेश: रायफल-पिस्टल नाम की शराब नहीं बिकी तो दुकान के कर्मियों की सैलरी कटेगी, 80 लाख रुपए वसूलेंगे – Raipur News
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If the liquor labeled Rifle-Pistol isn’t sold, the shop staff will face salary cuts and a fine of Rs 80 lakh will be recovered. | अजीबोगरीब आदेश: रायफल-पिस्टल नाम की शराब नहीं बिकी तो दुकान के कर्मियों की सैलरी कटेगी, 80 लाख रुपए वसूलेंगे – Raipur News

By adminJanuary 2, 2026No Comments4 Mins Read
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छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) ने रायपुर और दुर्ग की शराब दुकानों में राइफल और पिस्टल नामक शराब की सप्लाई कर दी है।

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ये शराब पिछले एक साल से बिक नहीं रही है। इधर, सीएसएमसीएल ने शराब की बिक्री नहीं होने पर इसकी वसूली के लिए प्लेसमेंट कंपनी को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही प्लेसमेंट कंपनी बीआईएस से 80 लाख रुपए वसूली का आदेश जारी किया है।

वहीं, प्लेसमेंट कंपनी ने इसकी भरपाई के लिए शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों पर फाइन तय किया है। फाइन में सुपरवाइजर पर 10 हजार रुपए, सेल्समैन पर 7 हजार और मल्टी-टास्क स्टाफ पर 5 हजार रुपए की फाइन तय की गई है।

इससे कर्मचारियों के वेतन से करीब 64 लाख 40 हजार रुपए की कटौती होगी। इससे शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कर्मचारी बुधवार को दुकान में काम ना करने का निर्णय लिया था, लेकिन काफी मान मनौव्वल के बाद वह काम पर लौटे हैं।

प्लेसमेंट एजेंसी का आरोप है कि पुराने मॉल का स्टॉक समय पर नहीं बिक पाया, जबकि पिस्टल-राइफल जैसे उत्पादों की बिक्री पर कोई लिमिट नहीं होने से सिस्टम में असंतुलन बना। इसी वजह से पोर्टल पर करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपए का स्टॉक फंस गया है।

शराब नहीं बिकी तो हमारा क्या दोष है: कर्मचारी इधर, मामला सामने आने के बाद भास्कर की टीम ने शहर और आउटर के करीब एक दर्जन दुकानों के कर्मचारियों से बात की। इन कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वेतन इतना ज्यादा नहीं मिलता है कि एक साथ इतना पैसा दे सकें।

किसी तरह महीना कटता है, क्योंकि ज्यादातर कर्मचारी लोन लिए हैं। बैंक की ईएमआई, बच्चों की स्कूल फीस और घर का खर्च बड़ी मुश्किल से चल पाता है। कंपनी इतना पैसा काटेगी तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा है। कंपनी ने जुर्माना एक साथ लगाया गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

राइफल, पिस्टल, नो-लिमिट, सेवन हॉर्स, ब्लाइंड टीम और हिडन ट्रेजर सहित करीब ढाई सौ अलग-अलग ब्रांड की शराबों की बिक्री होती है। इसमें कुछ ब्रांड ऐसे हैं, जिसे ग्राहक बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं। सूत्रों की मानें तो सीएसएमसीएल ऐसे ब्रांड की सप्लाई करती है, जिससे उनको फायदा होता है, लेकिन वह बिकती नहीं है।

सरकार का तर्क– राजस्व का नुकसान न हो| आबकारी के अफसरों ने बताया कि सरकारी नियमों के अनुसार राजस्व का नुकसान होने पर उसकी भरपाई अनिवार्य है। यह नियम में है। इसी आधार पर कंपनी को जुर्माना भरने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसमें 75 प्रतिशत कंपनी और 25 प्रतिशत जुर्माना कर्मचारियों को भरने की जिम्मेदारी है। सेल्समैन को ब्रांड बेचने की जिम्मेदारी है कि वह ग्राहकों के सामने ब्रांड को रखे और बेचे। अफसरों का कहना है कि उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि सिस्टम को पटरी पर लाना है ताकि भविष्य में डेमरेज की स्थिति न बने।

सीधी बात – राजेश शर्मा, प्रभारी उपायुक्त, आबकारी विभाग

राजेश शर्मा, प्रभारी उपायुक्त, आबकारी विभाग

Q. शराब दुकानों से 80 लाख की वसूली का नोटिस दिया है? -यदि छह माह के भीतर शराब नहीं बिकती है तो 75 प्रतिशत कंपनी और 25 प्रतिशत कर्मचारियों से वसूल करना है।

Q. कर्मचारी क्यों और कैसे इतना पैसा देंगे? -शराब बेचने की जिम्मेदारी सेल्समैन की होती है, उनको बेचना है।

Q. विभाग ऐसे ब्रांड की सप्लाई क्यों करता है, जिसे बेचने में तकलीफ हो? – ऐसा नहीं है, नंबर वन व गोवा में डेमरेज आ रहा है। जानबूझकर नहीं बेचते।

सीधी बात – हर्ष लाल द्विवेदी, डीजीएम बीआईएस कंपनी

इसके लिए सीएसएमसीएल जिम्मेदार

Q. सीएसएमसीएल ने 80 लाख की वसूली का नोटिस भेजा है? – कंपनी यदि एक या दो माह के भीतर वसूली का नोटिस देता तो ठीक था, अचानक एक साथ इतनी रकम कैसे दे पाएंगे। Q. प्लेसमेंट कंपनी कर्मचारियों की कितनी सैलरी काट रही है? -सुपरवाइजर की 10 हजार, सेल्समैन की 7 हजार रुपए तक काट रहे हैं। Q. नौकरी करने वाले कर्मचारी कहां से इतनी रकम दे पाएंगे? – कर्मचारियों की सैलरी जो कट रही है, सीएसएमसीएल जिम्मेदार है।



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