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बीजापुर जिला मुख्यालय में आवारा कुत्तों के लिए एक आधुनिक डॉग सेंटर बनाया जा रहा है। भट्टीपारा तालाब के नीचे निर्माणाधीन इस केंद्र में एक साथ 100 कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। यहां कुत्तों के लिए 2 एसी, 5 कूलर, 10 पंखे, भोजन और उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नगरपालिका के सीएमओ बंशीलाल नुरुटी और डॉग सेंटर के नोडल अधिकारी व सहायक अभियंता देवेंद्र पहाड़ी ने बताया कि यह केंद्र केंद्र सरकार की एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) योजना के तहत बन रहा है। इस परियोजना के लिए 12 लाख 58 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले में आवारा कुत्तों की संख्या को मानवीय तरीके से नियंत्रित करना और रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम करना है। इसके तहत आवारा कुत्तों को पकड़कर डॉग सेंटर लाया जाएगा। यहां पशु चिकित्सकों की निगरानी में उनका बधियाकरण (Sterilization), एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन और पेट के कीड़ों का उपचार किया जाएगा। कुत्तों की 15 दिन तक डॉग सेंटर में होगी देखभाल ऑपरेशन के बाद, कुत्तों को लगभग 15 दिनों तक सेंटर में रखकर उनकी देखभाल, भोजन और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। पूरी तरह स्वस्थ होने पर उन्हें उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाएगा, जहाँ से उन्हें पकड़ा गया था। उनकी पहचान और रिकॉर्ड के लिए टैगिंग भी की जाएगी। इस योजना के संचालन के लिए स्नेहा एनिमल केयर, हिसार (हरियाणा) के साथ अनुबंध किया गया है। लगभग 12 सदस्यीय टीम इस कार्य को अंजाम देगी। डॉग सेंटर में 20 अलग-अलग केबिन बनाए जा रहे हैं, जो एक साथ 100 कुत्तों को रखने में सक्षम होंगे। नगरपालिका अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने, रेबीज की रोकथाम और पशु कल्याण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह योजना कुत्तों को स्थायी रूप से बंद रखने के लिए नहीं है, बल्कि उपचार और बधियाकरण के बाद उन्हें उनके मूल क्षेत्र में वापस छोड़ने की व्यवस्था पर आधारित है।
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