Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » HIV positive man’s identity revealed, parents get Rs 2 lakh | HIV पॉजिटिव की पहचान उजागर, माता-पिता को मिला 2 लाख: कोर्ट के आदेश पर मिला मुआवजा, डीन बोले– मरीज की गोपनीयता पर सख्त कदम उठाएंगे – Raipur News
Breaking News

HIV positive man’s identity revealed, parents get Rs 2 lakh | HIV पॉजिटिव की पहचान उजागर, माता-पिता को मिला 2 लाख: कोर्ट के आदेश पर मिला मुआवजा, डीन बोले– मरीज की गोपनीयता पर सख्त कदम उठाएंगे – Raipur News

By adminOctober 17, 2025No Comments6 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
s1317604624121760620406 1760708735
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email


रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में नवजात शिशु के पास “HIV पॉजिटिव मदर” लिखी तख्ती लगाने के मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपए का मुआवजा मिल गया है। यह जानकारी पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी

.

हालांकि, डीन ने यह भी बताया कि अब तक अस्पताल प्रबंधन ने आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं की है। डीन ने कहा, भविष्य में किसी भी सरकारी अस्पताल, डॉक्टर या स्टाफ द्वारा मरीज की पहचान और बीमारी सार्वजनिक को लेकर कड़ी चेतावनी दी गई है।

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी

दरअसल, 10 अक्टूबर को मीडिया रिपोर्ट में तस्वीर आई थी, जिसमें रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में एक नवजात के पास तख्ती लगाई गई थी, जिस पर ‘HIV POSITIVE MOTHER’ लिखा हुआ था।’ यह देखकर मासूम बच्चे के पिता और परिजन रो पड़े।

मीडिया रिपोर्ट को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की, जिसमें मुख्य सचिव को जांच कर व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार को बच्चे के माता-पिता को 2 लाख मुआवजा देने के आदेश दिए थे।

जानिए क्या है पूरा मामला

मेकाहारा में 6 अक्टूबर को एक HIV पॉजिटिव महिला ने बच्चे को जन्म दिया। मेडिकल स्टाफ ने बच्चे को PICU में शिफ्ट किया। यहां तक तो ठीक था, लेकिन इसके बाद मौजूद स्टाफ सफेद रंग का एक बड़ा चार्ट पेपर लाया। फिर कुछ कलर पेंसिल भी मंगाई गई।

इसके बाद लाल रंग के स्केच मंगाए गए। उस पर बड़े-बड़े बोल्ड अक्षरों में लिखा गया- HIV POSITIVE MOTHER (एचआईवी पॉजिटिव मदर)। ये इतना बड़ा और बोल्ड लिखा हुआ था कि 100 मीटर दूरी से भी गुजरने वाले इसे पढ़ लें। ये चार्ट फिर उस बच्चे के नजदीक चस्पा कर दिया गया।

मेडिकल स्टाफ ने बोल्ड अक्षरों में HIV POSITIVE MOTHER (एचआईवी पॉजिटिव मदर) लिखा था।

मेडिकल स्टाफ ने बोल्ड अक्षरों में HIV POSITIVE MOTHER (एचआईवी पॉजिटिव मदर) लिखा था।

पीड़ित मां ने पति से कहा- बच्चे के पास एक चार्ट लगा हुआ है

चार्ट 3 दिनों तक ऐसे ही लगा रहा। मां जब-जब बच्चे को दूध पिलाने जाती, ये बोर्ड उसे दिखता। वो समझ नहीं पा रही थी कि किया क्या जाए। 2 दिन बाद उसने बातों ही बातों में ये बात अपने पति को बताई। पति को PICU के भीतर जाने की इजाजत नहीं थी।

वो बच्चे को सीधे नहीं देख सकते थे। लेकिन 9 अक्टूबर को 2 मुंहे दरवाजे के खुलने और बंद होने की प्रक्रिया में कुछ सेकेंड के लिए बनने वाले स्पॉट से देखा तो आंखों से आंसू आ गए। उनके बच्चे के नजदीक ‘HIV POSITIVE MOTHER’ का चार्ट लगा हुआ था।

पिता बोले- मेडिकल स्टाफ तक दूरी बनाने लगा था

दैनिक भास्कर को पीड़ित पिता ने बताया कि वे भी HIV पॉजिटिव हैं। बीमारी का पता चल जाने पर बाकी सोसाइटी का तो छोड़िए मेडिकल स्टाफ के लोग भी सामान्य व्यवहार नहीं करते। ये बात तो सभी जानते हैं, इसके बाद भी गलती हुई। दुख इस बात का है कि गलती को 3 दिनों तक नजरअंदाज किया गया।

पीड़ित महिला के पति ने बताया कि मेडिकल स्टाफ दूरी बनाने लगा था।

पीड़ित महिला के पति ने बताया कि मेडिकल स्टाफ दूरी बनाने लगा था।

शिकायत के बाद हटा चार्ट

हालांकि, शिकायत के बाद अधिकारियों तक जैसे ही ये बात पहुंची, चार्ट पेपर तुरंत हटाया गया। मीडिया में खबर पब्लिश होने के बाद इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। इसके बाद रविवार को पूरे मामले में FIR भी दर्ज की गई।

हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन को नोटिस भी दिया गया। लेकिन 48 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी हॉस्पिटल ने गलती करने वाले और गलती को 3 दिनों तक नजरअंदाज करने वाले डॉक्टरों के नाम नहीं बताए हैं।

अदालत ने बताया अमानवीय घटना

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में HIV पॉजिटिव महिला मरीज की पहचान सार्वजनिक करने की घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। साथ ही मुख्य सचिव से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की खंडपीठ ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि ‘यह कृत्य न केवल अमानवीय है बल्कि नैतिकता और निजता के अधिकार का घोर उल्लंघन भी है।’

NGO ने संज्ञान लिया, तब उजागर हुआ मामला

इस पूरे मामले को सुराज जनकल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम महानंद और संरक्षक ने उजागर किया। प्रीतम ने बताया कि वो अपने एक पहचान वाले को देखने गए हुए थे। इसी दौरान पीड़ित पिता को रोते हुए देखा।

बात हुई तो मामला पता चला। इसके बाद आगे की कार्रवाई की गई। उन्होंने अपनी टीम के साथ जाकर मौदहापारा थाने में मामले की शिकायत भी कराई है।

पुलिस बोली- अभी हॉस्पिटल से नहीं मिला जवाब

दो दिन पहले मामले को लेकर पुलिस बताया था कि फिलहाल हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया था। अस्पताल की ओर से जिम्मेदारी तय नहीं की गई। आगे की कार्रवाई के लिए हम हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

हॉस्पिटल प्रशासन ने कहा- विभागीय जांच चल रही है

वहीं, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन ने भास्कर को बताया था कि मामले में कोई भी नोटिस पुलिस की ओर नहीं मिला है। इस मामले पर विभागीय जांच की जा रहा रही है। मंगलवार तक जांच रिपोर्ट सबके सामने आ जाएगी। हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

अब जानिए HIV बीमारी के बारे में…

HIV और AIDS में क्या अंतर है इनके बीच बुनियादी फर्क यह है कि HIV एक वायरस है, जो हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है। जबकि AIDS एक ऐसी मेडिकल कंडीशन है, जो HIV संक्रमण के कारण होती है। इसका मतलब होता है कि इम्यून सिस्टम गंभीर रूप से कमजोर हो गया है।

इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को HIV संक्रमण नहीं है तो उसे एड्स नहीं हो सकता है। अगर HIV संक्रमित व्यक्ति को शुरुआती स्टेज में ही इलाज मिल जाए तो उसे एड्स होने से रोका जा सकता है। वहीं ट्रीटमेंट न मिलने पर लगभग सभी संक्रमित लोगों को एड्स होने का खतरा रहता है।

image 2025 10 14t221743697 1760460395
image 2025 10 14t221805860 1760460417
image 2025 10 14t221830475 1760460444

क्या HIV ठीक हो सकता है

अभी तक HIV के लिए कोई इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। हालांकि इसके कई ऐसे वैकल्पिक इलाज खोज लिए गए हैं, जिनकी मदद से HIV संक्रमण से शरीर को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। इसकी प्रगति कम की जा सकती है।

इसे इस तरह समझिए कि अगर HIV संक्रमण के बाद पहली से दूसरी और फिर तीसरी स्टेज आने में 10 साल लगते हैं तो वैकल्पिक इलाज की मदद से इस साइकल को 20, 30, 40 साल या उससे भी ज्यादा समय तक बढ़ाया जा सकता है। इसमें आमतौर पर एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) दी जाती है।

……………………………………….

इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

नवजात के पोस्टर पर लिखा-बच्चे की मां HIV पॉजिटिव: पिता भावुक होकर रो पड़ा; हाईकोर्ट ने कहा- यह बेहद अमानवीय, दोबारा न हो ऐसी गलती

अम्बेडकर अस्पताल में असंवेदनशीलता पर हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी।

अम्बेडकर अस्पताल में असंवेदनशीलता पर हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी।

रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल की शर्मनाक हरकत पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। दरअसल, अस्पताल में नवजात शिशु के पास एक पोस्टर लगाया गया था, जिस पर लिखा था- बच्चे की मां एचआईवी पॉजिटिव है। यह पोस्टर स्त्री रोग वार्ड में भर्ती मां और नर्सरी वार्ड में रखे नवजात के बीच लगाया गया था। पढ़ें पूरी खबर…



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

बिलासपुर में कर्मा-बसहा के पास बरात से लौट रही पिकअप पलटी, एक की मौत, 12 घायल

April 27, 2026

दरवाजे पर इंतजार, रास्ते में मौत, सिम्स के चिकित्सक को आई झपकी, ऑटो को ठोंका, महिला की मौत

April 27, 2026

लोरमी में संदीप पाठक के घर के बाहर लिखा 'गद्दार':AAP कार्यकर्ताओं ने घर पर किया प्रदर्शन; कहा- जिसे समझा 'थिंक टैंक',वो निकला 'सैप्टिक टैंक'!

April 27, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13766/133
samvad add RO. Nu. 13766/133
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

068986
Views Today : 143
Views Last 7 days : 1058
Views Last 30 days : 4172
Total views : 89974
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.