कोंडागांव जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” चलाया जा रहा है। इसी क्रम में संबलपुर के फनस पदर पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में शिशु संरक्षण कार्यक्रम और पोषण तिहार पखवा
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सेक्टर पर्यवेक्षक संजय नायडू ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि अक्सर महिलाएं संकोच या अज्ञानता के कारण अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को साझा नहीं कर पाती, जिससे वे कई बीमारियों का शिकार होती हैं। स्वास्थ्य विभाग इन समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रहा है।
अभियान के तहत महिलाओं को सही आयु में विवाह करने, गर्भावस्था के प्रथम तिमाही में पंजीयन व जांच कराने, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान, मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, परिवार नियोजन के साधन और समय पर टीकाकरण जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। साथ ही, नागरिकों की आभा आईडी बनाने और स्वास्थ्य जांच भी की गई।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया पोषक आहार का महत्व
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशिला पोयम ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वर्तमान में पोषण तिहार पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है। इसमें ग्रामीण समुदाय को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हरी पत्तेदार सब्जियां, मुनगा भाजी, पपीता, खीरा और मूली जैसे पोषक खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करने की सलाह दी गई।
इसके अतिरिक्त, आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले रेडी टू ईट पोषण आहार के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। इस आहार में गेहूं, चावल, मक्का, ज्वार, चना, मूंग, मसूर दाल, सोयाबीन, गुड़, शक्कर और तेल जैसे पोषक तत्व शामिल होते हैं। यह आहार गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को वितरित किया जाता है और उन्हें इससे लड्डू, बर्फी व रोटी बनाने की विधि भी सिखाई जाती है, जिससे उन्हें अतिरिक्त पोषण मिलता है और शारीरिक कमजोरी दूर होती है।
इस अवसर पर वार्ड पंच रैमती नेताम, आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सीएचओ निर्मला पोयम, आरएचओ दिनेश्वरी नाग, मयंक देवांगन, मितानिन भगवती बघेल और विभिन्न केंद्रों की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं उपस्थित रहीं।
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