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रामानुजगंज क्षेत्र की जीवनदायिनी कन्हर नदी गंभीर जल संकट का सामना कर रही है। लगातार गिरते जलस्तर के कारण नदी सूखने के कगार पर है और अब यह केवल पतली धार के रूप में बह रही है। आशंका है कि आगामी एक सप्ताह में नदी पूरी तरह सूख सकती है, जिससे क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने की संभावना है। रामानुजगंज नगर की लगभग 25 हजार की आबादी के लिए कन्हर नदी ही एकमात्र मुख्य जलस्रोत है। नगर पालिका इसी नदी से पानी लिफ्ट कर जल टंकियों में जमा करती है, जिससे शहर में नियमित जलापूर्ति होती है। नदी के सूखने से इस पूरी व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। नदी की धारा बहुत पतली हो गई नदी की गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर पालिका ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नदी में बावली (कुआँ) के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने बताया कि नदी की धारा बहुत पतली हो गई है और उसका बहाव झारखंड की ओर हो गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता और कम हो गई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से निपटने और शेष जल का प्रभावी उपयोग करने के लिए बावली निर्माण का निर्णय लिया गया है। अग्रवाल ने आश्वस्त किया कि नगरवासियों को जल संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। नदी के जलस्तर में तेजी से गिरावट की उम्मीद नहीं:सीएमओ मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुधीर कुमार ने कहा कि नदी के जलस्तर में इतनी तेजी से गिरावट की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने स्वीकार किया कि स्थिति अचानक गंभीर हो गई है, जिसके चलते अब वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और शहर की जलापूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
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