![]()
.
बोड़ला ब्लॉक के ग्राम मुड़घुसरी जंगल में पदस्थ शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल के प्रधान पाठक स्वामी वर्मा को सस्पेंड किया गया है। वर्मा पर न सिर्फ बच्चों को नियमित पढ़ाई न कराने का आरोप है, बल्कि गांव में जेसीबी चलाकर वसूली करने, लोगों को ब्याज पर पैसा देकर मनमाना ब्याज वसूलने और झोलाछाप डॉक्टरी कर ग्रामीणों की जान खतरे में डालने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
इन आरोपों की शिकायत सरपंच और ग्रामीणों ने 22 सितंबर 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर से की थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए बोड़ला एसडीएम की निगरानी में 3 सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। जांच में पाया गया कि प्रधान पाठक स्वामी वर्मा अपने शैक्षिक दायित्वों से भटक कर निजी लाभ के कार्यों में लिप्त हैं। ग्रामीणों से उनके जमीन की पर्ची व बैंक पासबुक लेकर बैंक से पैसा निकाला है। मामले की शिकायत तरेगांव जंगल थाने में की गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि स्वामी वर्मा की पत्नी सुनीता बाई मध्याह्न भोजन समूह की अध्यक्ष हैं। उनके माध्यम से बच्चों को न तो मीनू के अनुसार भोजन दिया जा रहा था और न ही पर्याप्त मात्रा में। अगस्त और सितंबर माह के भोजन पंजी में छात्रों की उपस्थिति और भोजन वितरण में बड़ा अंतर पाया गया। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्मा ने अपनी पत्नी को अनुचित लाभ पहुंचाने का कार्य किया और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के साथ लापरवाही बरती।
मामले में जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रधानपाठक स्वामी वर्मा का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03(1)(क)(ख)(ग) के विपरीत है। यह शासकीय सेवा के प्रति गैर-जिम्मेदाराना और स्वेच्छाचारी रवैए को दर्शाता है।
दुर्ग के संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा) एल ठाकुर ने प्रधानपाठक वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय छुईखदान (जिला केसीजी) में नियत किया गया है। इस दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता नियमानुसार प्राप्त होगा।
<
