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गरियाबंद के झोलाराव में खाद चोरी के आरोपियों को ग्रामीणों ने दी कथित सजा, कंधों पर बोरियां बांधकर ढोल-नगाड़ों के साथ गांव में घुमाया, वीडियो वायरल

गरियाबंद जिले के अंतिम छोर और ओडिशा सीमा से लगे मैनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत गौरगांव के आश्रित गांव झोलाराव में खाद चोरी के आरोपियों को ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर दी गई सजा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोप है कि किसान के घर से यूरिया खाद की दो बोरियां चोरी करने के बाद ग्रामीणों ने प्रभु और कृष्णा नाम के दो युवकों को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों को पुलिस के हवाले करने के बजाय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर सजा देने का फैसला किया।

ग्रामीणों ने दोनों युवकों के कंधों पर यूरिया खाद की बोरियां रस्सी से बांध दीं। इसके बाद ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे के साथ उन्हें गांव की बस्ती में पैदल घुमाया गया। वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी और युवकों को पकड़कर ले जाते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, झोलाराव में एक किसान के घर से यूरिया खाद की दो बोरियां चोरी हो गई थीं। चोरी का आरोप प्रभु और कृष्णा पर लगाया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक खाद की बोरियां किसान के घर से निकालने के बाद उन्हें ठिकाने लगाने और बेचने की फिराक में थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिल गई।

ग्रामीणों ने दोनों युवकों की घेराबंदी कर उन्हें कथित तौर पर चोरी की गई खाद की बोरियों के साथ पकड़ लिया। इसके बाद उनसे पूछताछ की गई। ग्रामीणों का कहना है कि पूछताछ के दौरान चोरी की बात सामने आने के बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए।

इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों युवकों को सार्वजनिक रूप से घुमाने का फैसला किया। कथित सजा के तहत उन्हीं यूरिया की बोरियों को दोनों के कंधों पर रस्सी से बांधा गया, जिन्हें चोरी करने का आरोप है। इसके बाद बाजे-गाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ दोनों को झोलाराव की बस्ती में पैदल घुमाया गया। इस दौरान गांव के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी घरों से बाहर निकलकर घटनाक्रम देखते नजर आए।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों की इस कार्रवाई को लेकर गांव में अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग इसे चोरी के खिलाफ ग्रामीणों की सख्ती बता रहे हैं, जबकि यह सवाल भी उठ रहा है कि आरोपियों को सजा देने का अधिकार ग्रामीणों के पास नहीं है।

किसी व्यक्ति पर चोरी का आरोप होने की स्थिति में उसे पुलिस के हवाले कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कराना उचित तरीका है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर खुद फैसला लेकर सार्वजनिक रूप से युवकों को घुमाए जाने की घटना ने अलग सवाल खड़े किए हैं।

फिलहाल प्रभु और कृष्णा पर लगाए गए चोरी के आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी। ग्रामीणों द्वारा दोनों को कथित तौर पर चोरी के माल के साथ पकड़े जाने की बात सामने आई है, लेकिन मामले में पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि चोरी की घटना में उनकी वास्तविक भूमिका क्या थी। वहीं, वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब यह भी देखना होगा कि ग्रामीणों द्वारा आरोपियों को सार्वजनिक रूप से घुमाए जाने के मामले में पुलिस क्या कार्रवाई करती है।

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