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छत्तीसगढ़ में नकली और अवमानक दवाओं के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने संदिग्ध परिस्थितियों में परिवहन हो रही दवाओं की खेप जब्त कर जांच की, जिसमें तीनों दवाएं अवमानक और नकली पाई गईं। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश म
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दरअसल, FDA को सूचना मिली थी कि नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगांव (रायपुर) में इंदौर से भेजी गई दवाओं की एक खेप को लेने कोई नहीं पहुंच रहा है और उसके नकली होने की आशंका है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत निरीक्षण दल गठित किया गया।
बिल में कुछ और, पैकेट में निकलीं दूसरी दवाएं
निरीक्षण के दौरान जब परिवहन दस्तावेज (बिल्टी) और दवाओं की जांच की गई तो बड़ा खुलासा हुआ। बिल में जिन दवाओं का उल्लेख था, वे पैकेट में मौजूद ही नहीं थीं। इसके बजाय वहां तीन अन्य प्रकार की दवाएं पाई गईं। मौके पर ही सभी दवाओं के नमूने चार-चार भागों में लेकर शेष मात्रा जब्त कर ली गई और नमूनों को राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी (रायपुर) भेजा गया।
जांच रिपोर्ट में दवाएं नकली और अवमानक घोषित
16 दिसंबर 2025 को प्राप्त जांच रिपोर्ट में तीनों दवाएं अवमानक और नकली पाई गईं। ये दवाएं हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित मेसर्स जी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स जी.सी. हेल्थ केयर और चेन्नई की मेसर्स लार ऑक्स फार्मास्युटिकल्स के नाम से निर्मित बताई जा रही थीं।
पूरे राज्य में अलर्ट, सख्त कार्रवाई के निर्देश
FDA ने इस मामले की जानकारी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO), नई दिल्ली के साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के औषधि नियंत्रकों को भेज दी है। अवमानक दवाओं के परिवहन और बाजार में संभावित उपलब्धता को लेकर सघन जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जनता और दवा विक्रेताओं से अपील
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों, दवा विक्रेताओं और परिवहन एजेंसियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध दवा या अनियमित गतिविधि की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9340597097 पर दें। साथ ही केवल लाइसेंस प्राप्त और विश्वसनीय स्रोतों से ही दवाओं की खरीद-फरोख्त करें।
FDA ने स्पष्ट किया है कि राज्य में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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