छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर पुलिस-नक्सली मुठभेड़ चल रही है। (फाइल फोटो)
छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर बीजापुर जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। एनकाउंटर में 3 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि जवानों ने जंगल में नक्सलियों को घेर लिया है। अन्नाराम और मरीमल्ला के जंगलों में दोनों ओर से
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मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ नक्सलियों की मद्देड एरिया कमेटी से हुई है। जवानों की टीम जंगल में मौजूद है। जंगल से जवानों ने बड़ी तादाद में हथियार बरामद किए हैं। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। फिलहाल पुलिस ने नक्सलियों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

नक्सलियों के खात्मे की तैयारी में फोर्स
बस्तर में फोर्स अब नक्सलियों के खात्मे की तैयारी में है। नक्सली संगठन के कई बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद सुरक्षाबल एक्टिव मोड पर है। फोर्स का फोकस बस्तर के 50 चुनिंदा गांवों पर है, जहां से नक्सलियों की पकड़ पूरी तरह खत्म करने की तैयारी है।
बताया जा रहा है कि इस अभियान की शुरुआत बीजापुर जिले से हो रही है। इसके लिए नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा से डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) के जवानों की 10 से ज्यादा टीमें बनाई जा रही हैं।
इन जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें अगले आदेश तक ड्यूटी पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन अबूझमाड़ और करेंगुट्टा जैसे पिछले बड़े अभियानों की तरह ही बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा।

बस्तर में फोर्स अब नक्सलियों के खात्मे की तैयारी में है। बस्तर के 50 चुनिंदा गांवों पर फोकस है। जवान सर्चिंग पर निकले। (फाइल फोटो)
28 सितंबर को ओडिशा बॉर्डर पर मारे गए थे 3 नक्सली
इसके पहले 28 सितंबर को DRG, गरियाबंद और कांकेर पुलिस ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर एक मुठभेड़ में 3 इनामी नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए नक्सलियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। यह मुठभेड़ कांकेर-धमतरी सीमा पर तियारपानी के जंगलों में हुई थी।
जवानों ने मौके से तीनों नक्सलियों के शव SLR, थ्री नॉट थ्री राइफल और 12 बोर बंदूक बरामद किया था। मारे गए नक्सलियों की पहचान सीतानदी एरिया कमेटी का कमांडर श्रवण, नगरी एरिया कमेटी का डिप्टी कमांडर राजेश और सहयोगी बसंती के रूप में हुई।
नक्सल एनकाउंटर से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए…

छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर जवानों ने 3 नक्सलियों को मार गिरा।

छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद किया।

कांकेर-धमतरी बॉर्डर पर जवानों ने 2 कमांडर समेत 3 नक्सलियों को मार गिराया। शवों को कांकेर लाया जा रहा।
अब जानिए कैसे मारे गए तीन इनामी नक्सली ?
दरअसल, कांकेर कोतवाली थाना क्षेत्र के तियारपानी के जंगलों में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सूचना के आधार पर कांकेर DRG, BSF और गरियाबंद पुलिस सर्च ऑपरेशन पर निकली थी, तभी जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने फायरिंग शुरू की।
इस दौरान जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला। दोनों ओर से फायरिंग में तीन नक्सली मारे गए थे। मारे नक्सलियों में कमांडर सरवन मडकम पर 8 लाख, डिप्टी कमांडर राजेश उर्फ राकेश हेमला पर 5 लाख और बसंती कुंजाम पर 1 लाख का इनाम था।


22 सितंबर को 2 सेंट्रल कमेटी मेंबर मारे गए थे
22 सितंबर को नारायणपुर जिले में जवानों ने मुठभेड़ में सेंट्रल कमेटी के 2 नक्सलियों को मार गिराया था। मारे गए नक्सलियों पर 1.8-1.8 करोड़ का इनाम घोषित था। जवानों ने दोनों के शव और मौके से हथियार बरामद किया है। मुठभेड़ के अबूझमाड़ के जंगलों में हुई थी।
नारायणपुर पुलिस के मुताबिक मारे गए नक्सलियों की पहचान सेंट्रल कमेटी सदस्य राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी के रूप में हुई। नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन ने पुष्टि की है।


गरियाबंद में 11 सितंबर को 10 नक्सली मारे गए
वहीं गरियाबंद जिले में 11 सितंबर को जवानों ने एनकाउंटर में 5 करोड़ के 10 इनामी नक्सलियों को मार गिराया था। इसमें डेढ़ करोड़ का इनामी नक्सली मोडेम बालाकृष्ण भी मारा गया। मोडेम बालाकृष्ण ओडिशा स्टेट कमेटी का सचिव था। मामला मैनपुर थाना क्षेत्र के मटाल पहाड़ी में मुठभेड़ हुई।
मारे गए नक्सलियों में 6 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। मारे गए नक्सलियों में केंद्रीय समिति के सदस्य मनोज उर्फ मोडेम बालाकृष्ण, ओडिशा राज्य समिति के सदस्य प्रमोद उर्फ पांडु, ओडिशा राज्य समिति के सदस्य विमल उर्फ मंगना समीर और पीपीसीएम रजीता शामिल थे।
इसके साथ ही टेक्निकल टीम PPCM अंजली, SDK ACM सीमा उर्फ भीमे, ACM विक्रम, डिप्टी कमांडर उमेश और बीबीएम डिवीजन PM बिमला शामिल थे। इनपर छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सरकार ने 5 करोड़ 22 लाख का इनाम घोषित किया था।
एनकाउंटर के बाद की ये तस्वीरें देखिए…

गरियाबंद में हेलीकॉप्टर से लाए गए नक्सलियों के शव को पिकअप में लोडकर अस्पताल लाया गया।

गरियाबंद में जवानों ने 10 नक्सलियों को जंगल में घेरकर मारा। सभी के शव बरामद।

गरियाबंद में मारे गए सभी नक्सलियों के शवों को रक्षित केंद्र में रखा गया है।
पांव पसारने से पहले नक्सलियों का खात्मा- एडीजी
एडीजी एंटी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा ने बताया था कि नए जगह पांव पसारने से पहले नक्सलियों का खात्मा कर दिया गया। बड़े नक्सल नेटवर्क को तोड़ा गया। जवानों ने जंगल में घेरकर नक्सलियों को मारा। सभी इनामी नक्सली थे।
एडीजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया था कि ने बताया कि एके-47 राइफल 1, इंसास राइफल 2, SLR राइफल 1, टेटे कार्बन 1, शॉट 2, 12 बोर बंदूक 2, पिस्टल 1 और बड़ी संख्या में विस्फोटक सामग्री बरामद किए गए हैं।
वहीं रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा था कि जवानों ने इसी जगह पर कहा था कि शस्त्र पूजन से पहले रक्त पूजन करेंगे, उन्होंने कर दिखाया। एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि 8 माह पहले हमने सरेंडर की अपील की थी। अब भी कह रहे हैं कि मूल रास्ते से भटके लोग सरेंडर नीति के तहत मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं।

अब पढ़िए गरियाबंद नक्सल एनकाउंटर की कहानी ?
दरअसल, मारे गए नक्सली मोडेम बालकृष्ण के गार्ड कैलाश ने सरेंडर किया था। इसी से पुलिस को मोडेम के बारे में सीक्रेट जानकारी मिली। कैलाश के बताए ठिकानों में पुलिस ने नजर रखना शुरू किया। लोकेशन कन्फर्म होते ही जवानों की टीम गुरुवार सुबह मैनपुर के कुल्हाड़ी घाट पहुंची।
इस दौरान कुल्हाड़ी घाट से लगे पहाड़ी इलाके मटाल में जवानों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। एनकाउंटर में सेंट्रल कमेटी सदस्य मनोज उर्फ बालन्ना उर्फ मोडेम बालकृष्ण अपने 9 साथियों के साथ मारा गया। एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है।

ओडिशा स्टेट कमेटी का सचिव था बालाकृष्ण
गरियाबंद पुलिस ने गुरुवार को मैनपुर के कुल्हाड़ी घाट से लगे पहाड़ी इलाके मटाल में संयुक्त ऑपरेशन चलाया। सुबह से रुक-रुककर कई घंटे तक मुठभेड़ चली। एनकाउंटर में सेंट्रल कमेटी सदस्य मनोज उर्फ बालन्ना उर्फ मोडेम बालाकृष्ण अपने 9 साथियों के साथ मारा गया। बालाकृष्ण के पास ओडिशा राज्य कमेटी के सचिव की भी जिम्मेदारी थी।
चलपति के मारे जाने के बाद बालाकृष्ण को मिली थी जिम्मेदारी
14 जनवरी को चलपति समेत 16 नक्सलियों के ढेर होने के बाद धमतरी, गरियाबंद और नुआपड़ा डिवीजन कमेटी को विस्तार करने की जिम्मेदारी बालाकृष्ण को दी गई थी। यह सूचना पुलिस तक आ चुकी थी। बालकृष्ण की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के बाद एसपी निखिल राखेचा ने संयुक्त ऑपरेशन लॉन्च किया था।



शाह की डेडलाइन, 2026 तक करेंगे नक्सलवाद का खात्मा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंचों से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे।
वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह के डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए हैं।
लगातार बड़े नक्सली लीडर मारे जा रहे
- इससे पहले 21 मई को हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए। इसमें 1.5 करोड़ का इनामी बसवा राजू भी था।
- 21 मई की मुठभेड़ से 7 दिन पहले पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन की भी जानकारी दी थी। इसमें 31 नक्सलियों को मार गिराया था।
- छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर स्थित कर्रेगुट्टा के पहाड़ों पर सुरक्षाबलों ने 24 दिनों तक ऑपरेशन चलाया था।


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131 जवानों का हत्यारा देवजी बना नक्सल महासचिव।
आंध्रप्रदेश के खूंखार नक्सली बसवाराजू के मारे जाने के बाद नक्सल संगठन ने थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी को नया महासचिव नियुक्त किया है। देवजी बस्तर के 131 से ज्यादा जवानों का हत्यारा है। ताड़मेटला-रानीबोदली अटैक का मास्टरमाइंड है। नक्सल महासचिव देवजी पर 1 करोड़ से ज्यादा का इनाम है। पढ़ें पूरी खबर 2. गरियाबंद एनकाउंटर..मारे गए 3 करोड़ से ज्यादा के 16 नक्सली: यहीं से 3 राज्यों की नक्सल एक्टिविटी कंट्रोल करता था एक करोड़ का इनामी चलपति

इससे पहले गरियाबंद में 80 घंटे तक चले ऑपरेशन में 16 नक्सली मारे गए थे।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मारे गए नक्सलियों की पहचान हो चुकी है। करीब 80 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में 16 नक्सली मारे गए। इनमें से 12 नक्सलियों पर कुल 3 करोड़ 16 लाख रुपए का इनाम घोषित था। मारे गए नक्सलियों में नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का मेंबर चलपति भी है। अकेले चलपति पर ही 90 लाख का इनाम था। पढ़ें पूरी खबर
3. माओवादियों का लेटर-हथियार छोड़ने को तैयार: लिखा- जेल में बंद साथियों से बात करेंगे, आईजी-गृहमंत्री बोले- पहले लेटर की जांच करेंगे

नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी अब सरकार के सामने सरेंडर करने और हथियार डालने राजी। (फाइल फोटो)
नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी अब सरकार के सामने सरेंडर करने और हथियार डालने राजी हो गई। CPI (माओवादी) ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि उनकी पार्टी फिलहाल अस्थायी तौर पर हथियारबंद संघर्ष को रोकने और शांति वार्ता के लिए तैयार है। संगठन ने साफ किया है कि वे सरकार से गंभीर और ईमानदार पहल की उम्मीद कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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