अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे बिजली कर्मचारियों के काम में नहीं आने को ब्रेक इन सर्विस माना जाएगा। बिजली कंपनी प्रबंधन ने पत्र जारी कर कर्मचारी संघ और उनके सदस्यों को चेतावनी दी है कि इस तरह इस तरह अनुपस्थित रहने के दिनों का वेतन नहीं दिया जाएगा।
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छत्तीसगढ़ राज्य बिजली ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) एएम परियल ने बताया कि कर्मचारियों के सामूहिक हड़ताल या अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित होना ब्रेक इन सर्विस माना जाएगा। ऐसी स्थिति में उनके खिलाफ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हड़ताल में खुद शामिल होना या दूसरों को शामिल होने के लिए प्रेरित करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। चीफ इंजीनियर ने कंपनी के सभी विभागों के प्रमुखों को परिपत्र जारी कर कार्य में अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की जानकारी देने कहा है। साथ ही कर्मचारियों की हड़ताल की स्थिति में काम प्रभावित ना हो, इसके लिए जरूरी तैयारियां करने भी कहा गया है।
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