जंगली जानवरों के आतंक से बिरगुड़ी में दहशत, वन विभाग ने जारी की सतर्कता सलाह

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बिरगुड़ी गांव में एक बार फिर तेंदुए और भालू की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। हाल ही में, बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र में दुधावा जंक्शन मुख्य मार्ग के पास वन विभाग की गश्त के दौरान एक तेंदुआ देखा गया। इसी के साथ, बिरगुड़ी बस्ती के भीतर एक भालू भी घूमता हुआ नजर आया, जिससे स्थानीय लोग भयभीत हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मात्र 10 दिन पहले ही इसी गांव में जंगली जानवरों से जुड़ी एक गंभीर घटना हुई थी। उस समय, एक भालू गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गया था, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी। भालू करीब दो घंटे तक टंकी पर रहने के बाद खुद ही नीचे उतर आया था। इस घटना के कुछ ही घंटों बाद, देर रात गांव में एक तेंदुआ पहुंच गया था।
तेंदुए ने घर के बाहर बैठी 45 वर्षीय महिला शांति बाई मरकाम पर हमला कर दिया था। इस हमले में महिला की गर्दन पर गहरी चोट आई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। ग्रामीणों ने शोर मचाकर तेंदुए को वहां से भगाया और तत्काल वन विभाग को इस घटना की सूचना दी। घायल महिला शांति बाई मरकाम का इलाज धमतरी जिला अस्पताल में चल रहा है।
जंगली जानवरों की इस लगातार आवाजाही और ग्रामीणों पर हमलों की घटनाओं को देखते हुए, वन विभाग ने बिरगुड़ी गांव के निवासियों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह जारी की है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या किसी भी सुनसान रास्ते पर जाने से बचें। विशेष रूप से, शाम होने के बाद घरों से बाहर निकलने और जंगल की ओर जाने से परहेज करें। इसके अतिरिक्त, बच्चों को भी अकेले घर से बाहर न जाने देने की हिदायत दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में तेंदुए ने लोगों पर हमला किया है। पिछले दिनों तेंदुए ने कारीपानी, बस्तर बुडरा और आमानारा जैसे आसपास के गांवों में भी कई लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इन घटनाओं के अलावा, आसपास के विभिन्न गांवों से भी तेंदुआ और भालू दिखाई देने की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। तेंदुए द्वारा मवेशियों का शिकार करने की घटनाएं भी इस क्षेत्र में आम हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
जंगली जानवरों की इन लगातार गतिविधियों और हमलों की घटनाओं के कारण वनांचल के ग्रामीणों में गहरा डर बना हुआ है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं वन्यप्राणी फिर से किसी व्यक्ति पर हमला न कर दें या उनके मवेशियों को अपना शिकार न बना लें। वन विभाग इन स्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दे रहा है।




