छत्तीसगढ़ पुलिस सैलरी पैकेज: दिवंगत आरक्षक के परिवार को 1 करोड़ का सुरक्षा कवच

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘पुलिस सैलरी पैकेज’ योजना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में अपनी सार्थकता सिद्ध की है। इस योजना के तहत जशपुर जिले के थाना पत्थलगांव में पदस्थ रहे दिवंगत आरक्षक स्व. अनिल केरकेट्टा के परिवार को 1 करोड़ रुपये की बीमा सहायता राशि प्रदान की गई है। भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से यह राशि उनकी पत्नी शांति केरकेट्टा को सौंपी गई, जिससे परिवार को विपरीत परिस्थितियों में बड़ा सहारा मिला है।

उल्लेखनीय है कि आरक्षक अनिल केरकेट्टा की आकस्मिक मृत्यु 24 अप्रैल 2026 को लोरों घाट में हुई एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी। घटना के समय वे थाना पत्थलगांव में आरक्षक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने 17 अप्रैल 2007 से जशपुर जिले में पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं प्रारंभ की थीं और लंबे समय तक पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया था।
पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के पश्चात, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जशपुर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह तथा उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशा तिर्की उपस्थित थीं। भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय उप महाप्रबंधक, बिलासपुर आलोक रंजन, मुख्य प्रबंधक एसबीआई जशपुर समीर कुमार एवं अग्रणी जिला प्रबंधक (लीड) राकेश तिवारी की उपस्थिति में दिवंगत आरक्षक की पत्नी शांति केरकेट्टा एवं उनके परिजनों को 1 करोड़ रुपये की बीमा सहायता राशि का चेक सौंपा गया।

इस भावुक अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं बैंक अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्राप्त सहायता राशि के सुरक्षित एवं सुनियोजित उपयोग के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। परिजनों को फंड मैनेजमेंट की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, ताकि इस राशि का भविष्य में बेहतर तरीके से उपयोग कर परिवार की आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की पुलिस सैलरी पैकेज योजना पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए कई बार जोखिमपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हैं, और ऐसे में यह योजना विपरीत परिस्थितियों में उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना के तहत ड्यूटी के दौरान अथवा दुर्घटना में मृत्यु होने पर नामांकित सदस्य को 1 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर तथा सामान्य मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने वेतन खाते को भारतीय स्टेट बैंक के पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत पंजीकृत रखें। साथ ही, उन्होंने अपने नामांकन एवं अन्य आवश्यक जानकारियों को समय-समय पर अद्यतन करते रहने का भी आग्रह किया। उन्होंने जोर दिया कि ऐसा करने से किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में उनके परिजनों को योजना का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस सैलरी पैकेज योजना केवल एक बैंकिंग सुविधा नहीं है, बल्कि यह पुलिसकर्मियों के परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह योजना पुलिस विभाग के अपने कर्मियों और उनके आश्रितों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।




