रामानुजगंज में देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह का पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर घरों में दीप जलाए गए और पूरे नगर में सुबह से ही भक्तिमय वातावरण रहा।
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नगर के प्रमुख पुजारी नंदू पांडे ने देवउठनी एकादशी का महत्व बताते हुए कहा कि इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा से जागते हैं, जिसके साथ ही सभी मांगलिक कार्य पुनः शुरू हो जाते हैं। तुलसी विवाह को भगवान विष्णु और माता तुलसी के पवित्र मिलन का प्रतीक माना जाता है।
पर्व को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। सुबह से ही नगर के गांधी चौक में फूल, गन्ना और पूजन सामग्री की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बाजार सुबह पांच बजे से ही गुलजार हो गया था, जहाँ महिलाएं और युवतियां उत्साहपूर्वक पूजा की सामग्री खरीदती दिखीं।

भक्तों ने विधि-विधान से तुलसी विवाह की पूजा-अर्चना की
शाम होते ही घरों में सुंदर रंगोलियां सजाई गईं और दीयों की रोशनी से पूरा नगर जगमगा उठा। बच्चों ने आतिशबाजी कर त्योहार की रौनक बढ़ाई। मंदिरों और घरों में भक्तों ने विधि-विधान से देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह की पूजा-अर्चना की।

भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों की गूंज में डूबा रामानुजगंज
इस दौरान भक्तों ने भगवान विष्णु और तुलसी माता का विवाह परंपरागत रीति से संपन्न कराया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। नगर के विभिन्न मोहल्लों में सामूहिक पूजा और भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
तुलसी विवाह के अवसर पर धार्मिक गीतों की गूंज से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। इस पर्व ने नगरवासियों के बीच आपसी सद्भाव और धार्मिक आस्था का अद्भुत संदेश दिया, जिससे पूरा रामानुजगंज भक्ति और उत्सव के रंग में रंग गया।
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