![]()
.
शनिवार को अन्न उत्पादन में समृद्धि और लोगों के सुख-समृद्धि की कामना को लेकर पांडेपारा में ठाकुरदेव पूजा की। किसान, मजदूर और मालिक वर्ग एकत्रित होकर गांव के सियान और बैगा की अगुवाई में ठाकुर देव स्थल पर पूजा-अर्चना की। हर वर्ष फसल कटाई के बाद पूजा संपन्न की जाती है। इस पारंपरिक अनुष्ठान में धान मिजाई से प्राप्त रास कोठी भरने की प्रक्रिया प्रतीकात्मक रूप से की गई।
चीला, नारियल और अन्य प्रसाद का वितरण कर अन्न लक्ष्मी से अच्छी पैदावार और ग्रामवासियों के सुख-शांति की प्रार्थना की गई। रामप्रसाद यादव ने बताया कि इस पूजा का मूल उद्देश्य यह है कि किसान, मजदूर और मालिक सभी के घरों में खुशहाली बनी रहे। आपस में एकता व भाईचारा बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि आज जहां शहरों में ऐसी पारंपरिक प्रक्रियाएं लुप्त हो रही हैं, वहीं पांडेपारा, नयापारा, शिकारीपारा, कुंदरुपारा और आमापारा जैसे इलाकों में अब भी यह परंपरा जीवित है।
<
