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उत्तर बस्तर कांकेर जिले के लैम्पस सरोना अंतर्गत कुम्हानखार धान उपार्जन केंद्र पर टोकन लिमिट कम होने से किसान परेशान हैं। किसानों ने आज जिला विपणन अधिकारी और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रतिदिन की खरीदी सीमा 310 क्विंटल से बढ़ाकर 550 क्विंटल करने की मां
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टोकन लिमिट कम होने से किसान परेशान
किसानों के अनुसार, कुम्हानखार केंद्र की वर्तमान टोकन लिमिट प्रतिदिन 310 क्विंटल है। पिछले वर्ष इस केंद्र पर 19,381.60 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। यदि पिछले साल के आंकड़ों को आधार मानें और 31 जनवरी 2026 तक की समय सीमा देखें, तो केवल 34-35 दिन शेष हैं। वर्तमान धीमी गति से ग्राम सारंडा, कुम्हानखार और झूलना तेंदु के सभी किसानों का धान बेचना संभव नहीं होगा, जिससे वे चिंतित हैं।
वरिष्ठ आदिवासी नेता सरजू शोरी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाने से किसान परेशान हैं। शोरी ने सरकार से छत्तीसगढ़ के किसानों से हर एक दाना धान खरीदने के अपने वादे को पूरा करने की मांग की।
कुम्हानखार उपार्जन केंद्र की लिमिट बढ़ाने की मांग
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से आग्रह किया है कि कुम्हानखार उपार्जन केंद्र की प्रतिदिन की लिमिट 310 क्विंटल से बढ़ाकर 550 क्विंटल की जाए। इससे किसान समय पर अपनी उपज बेच सकेंगे और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ज्ञापन सौंपते समय बलराम यादव, रमाकांत शोरी, तिलकराम पटेल, देव प्रसाद यादव, उत्तम वट्टी, कुबल सुरोजिया, प्रह्लाद नेताम, दुकालु यादव, रमेश सहारे, मदन नेताम सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान मौजूद थे।
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