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कांग्रेस संगठन में जिलाध्यक्ष पद की घोषणा में हो रही देरी से कार्यकर्ताओं में बेचैनी है। संगठन सृजन अभियान के तहत अक्टूबर अंत तक नए जिलाध्यक्षों की घोषणा होनी थी, लेकिन अब तक कोई ऐलान नहीं हुआ है।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने हाल ही में प्रदेश के सभी जिलों में 18 पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे। इन पर्यवेक्षकों ने जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं, सामाजिक प्रतिनिधियों से रायशुमारी की थी। रिपोर्ट 20 अक्टूबर तक एआईसीसी को सौंपनी थी और 30 अक्टूबर तक नए जिलाध्यक्षों की घोषणा होनी थी, लेकिन यह सूची अभी तक जारी नहीं हुई है।
कोंडागांव में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर दावेदारी तेज़
कोंडागांव जिले में जिलाध्यक्ष पद के लिए रवि घोष, रितेश पटेल, झूमुक लाल दीवान, विशाल शर्मा और राजेश नेताम जैसे नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं। कार्यकर्ता अपने पसंदीदा नेता के नाम की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
कांग्रेस पदाधिकारियों का मानना है कि नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बिना संगठन में कसावट और स्पष्ट दिशा नहीं आ सकती। उनका कहना है कि जिस नेता को यह जिम्मेदारी मिलेगी, उसी के नेतृत्व में स्थानीय से लेकर प्रदेश स्तर तक की लड़ाई लड़ी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत जिलाध्यक्षों को बदला जा सकता है। हाल ही में नियुक्त हुए 11 जिलाध्यक्षों को छोड़कर, शेष सभी पदाधिकारी दीपक बैज के कार्यकाल से पहले नियुक्त हुए थे और उन्हें लगभग पांच साल हो चुके हैं।
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