बिलासपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेताओं पर दर्ज एफआईआर के विरोध में सिविल लाइन थाने का घेराव किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपनी गिरफ्तारी देने पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी और पूरे परिसर को छावनी में बदल दिया।
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कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन राजनीतिक द्वेष के तहत कांग्रेसियों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर रही है। यह प्रदर्शन इन्हीं एफआईआर के विरोध में किया गया था।
दरअसल, 19 अगस्त को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू और उनकी पत्नी पार्षद गायत्री साहू ने वार्ड क्रमांक 5 (डॉ. खूबचंद बघेल नगर) की जनसमस्याओं को लेकर नगर निगम कार्यालय का घेराव किया था। इस घटना के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर दर्ज
इसी तरह, 27 नवंबर को कलेक्टोरेट के पास कांग्रेस के एक बड़े प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के कथित अपमान की शिकायत पर शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय पांडेय और जिला कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष विजय केशरवानी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी।

भाजयुमो की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई भाजयुमो की शिकायत के आधार पर की गई थी। दोनों मामलों में सामूहिक गिरफ्तारी देने के लिए कांग्रेसजनों ने कांग्रेस भवन से जुलूस निकाला। इसमें शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

सामूहिक गिरफ्तारी के लिए निकाला जुलूस
नेताओं ने इन एफआईआर को राजनीति से प्रेरित बताते हुए विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया। धरने के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। दोनों मामलों में कुल चार कांग्रेस नेताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
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