धमतरी में नगर निगम के बाहर विपक्षी पार्षद सात दिवसीय धरने पर बैठे हैं। यह प्रदर्शन 7 प्रमुख मुद्दों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर किया जा रहा है। विपक्षी पार्षदों ने नगर निगम आयुक्त की अनुपस्थिति, कर्मचारियों को वेतन न मिलने और निगम की व्यवस्था चरम
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विपक्षी पार्षदों ने महापौर सहित नगर निगम प्रशासन पर भ्रष्टाचार और अलग-अलग मुद्दों को लेकर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नगर निगम आयुक्त पिछले करीब 35 दिनों से गैरमौजूद हैं और किसी को प्रभार भी नहीं दिया गया है। इसके कारण कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है और रेलवे प्रभावितों को भी राहत नहीं मिली है।
नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने कहा कि सरकार बने 9 महीने हो गए हैं, लेकिन शहर के विकास के लिए कोई काम नहीं हो रहा है। नगर निगम 35 दिनों से बिना आयुक्त के संचालित हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को भुगतान न होने के कारण उनके आवास अधूरे पड़े हैं। उन्होंने मांग की कि आवास का भुगतान पहले की तरह धमतरी नगर निगम से ही किया जाए।

नहीं हुई 6 महीने से सामान्य सभा की बैठक
दीपक सोनकर ने नगर निगम क्षेत्र में कई जगहों पर गड्ढों और प्लेसमेंट कर्मचारियों को नवंबर का वेतन जल्द भुगतान करने की भी बात कही। वहीं उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने आरोप लगाया कि पिछले 6 माह से सामान्य सभा की बैठक नहीं हुई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
रेलवे प्रभावित लोगों की समस्याओं पर सरकार में बैठे लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने नगर निगम प्रशासन को पूरी तरह विफल बताते हुए आए दिन भ्रष्टाचार होने का दावा किया।

महापौर पर कुंभकरणी नींद में सोने का आरोप
कांग्रेस नेता सुमन मेश्राम ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम के महापौर कुंभकरण की नींद सो रहे हैं और उन्हें जगाने के लिए धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महापौर अपने में मस्त हैं, जबकि कर्मचारी त्रस्त हैं।
40 वार्डों में विकास कार्य नहीं होने का दावा
सुमन मेश्राम ने कहा कि धमतरी नगर निगम के 40 वार्डों में एक रुपए का भी काम नहीं हुआ है। खासकर विपक्षी पार्षदों के वार्डों में छोटे-छोटे काम तक नहीं कराए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में केवल भ्रष्टाचार चल रहा है और जो भी फंड आता है, उसे महापौर और आयुक्त मिलकर खा रहे हैं।
भाजपा पार्षद का पलटवार
इस मामले में भाजपा पार्षद और पीडी सभापति विजय मोटवानी ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई रोडमैप नहीं है और लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। कांग्रेस नेता नगर निगम के बाहर घूमने और धूप सेंकने आए हैं, क्योंकि ठंड बहुत हो गई है।
कांग्रेस शासनकाल पर भी उठाए सवाल
विजय मोटवानी ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब अधिकारी और कर्मचारी वेतन को लेकर धरने पर बैठते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्षद विकास कार्यों को पचा नहीं पा रहे हैं। वर्तमान में नगर निगम का कामकाज सुचारू और व्यवस्थित रूप से चल रहा है। जितने भी भ्रष्टाचार हुए हैं, वे कांग्रेस के कार्यकाल में हुए हैं।
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