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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को जशपुर के रणजीता स्टेडियम में कई विकास योजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में सड़क निर्माण, जल संरक्षण, बुजुर्ग कल्याण, महिला सशक्तिकरण, पशुपालन, विज्ञान शिक्षा से जुड़ी पहलें शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-4) के तहत पूरे प्रदेश में 774 सड़कों का शिलान्यास और शुभारंभ किया। इन सड़कों की कुल लंबाई 2426.875 किलोमीटर तय की गई है, जिस पर 2225.44 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इससे 781 बस्तियों को सालभर सड़क सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह योजना अटल बिहारी वाजपेयी की पहल थी, जिसे अब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम और रायपुर-जशपुर-धनबाद मार्गों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी। जशपुर जिले में सड़क निर्माण जशपुर जिले में 77 सड़कों का निर्माण होगा। इनकी कुल लंबाई 197.26 किलोमीटर रखी गई है, जिस पर 196.20 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ये सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेंगी। मुख्यमंत्री ने “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया” अभियान की शुरुआत की। इसके तहत 500 नए तालाबों के निर्माण का शिलान्यास हुआ। इस पहल का उद्देश्य जल संचयन बढ़ाना, भूजल स्तर सुधारना, सिंचाई सुविधाएं मजबूत करना है। मनरेगा के तहत 10,000 आजीविका डबरी बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि 13,000 से अधिक डबरी पहले ही पूरी हो चुकी हैं। इनसे मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सब्जी उत्पादन के जरिए ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया और महिलाओं की भागीदारी को अहम बताया। सियान गुड़ी’ से बुजुर्गों को सम्मान जशपुर में ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनका उत्साह बढ़ाया। इस केंद्र में योग, स्वास्थ्य जांच, मनोरंजन, कौशल विकास, टेलीमेडिसिन, सामाजिक गतिविधियों जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक माहौल में बुजुर्गों के अकेलेपन को कम करने के लिए ऐसी पहल जरूरी है। ‘सियान गुड़ी’ वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, सुरक्षा, सक्रिय जीवन का केंद्र बनेगा। यहां रोज 6 से 8 घंटे तक विभिन्न कार्यक्रम संचालित होंगे, जिससे बुजुर्ग मानसिक, शारीरिक, सामाजिक रूप से सशक्त बनेंगे। ड्रोन दीदी योजना से महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को “ड्रोन दीदी” योजना के तहत ड्रोन और सॉयल टेस्टिंग मशीन दी गई। इससे महिलाएं आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ सकेंगी और आय बढ़ा सकेंगी। सॉयल टेस्टिंग मशीन से मिट्टी की सटीक जांच संभव होगी, जिससे उर्वरकों का संतुलित उपयोग, लागत में कमी, उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित होगी। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम है। पशु सखियों के लिए प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने पशु सखियों के लिए बकरी पालन और मुर्गी पालन प्रशिक्षण मार्गदर्शिका जारी की। इससे पशुपालन में वैज्ञानिक जानकारी का उपयोग बढ़ेगा और पशुओं के स्वास्थ्य, उत्पादन, आय में सुधार होगा। मार्गदर्शिका के जरिए पशु सखियां गांव स्तर पर पशुपालकों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकेंगी, जिससे त्वरित सेवाएं मिलेंगी। ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ से वैज्ञानिक सोच कार्यक्रम में इसरो की “स्पेस ऑन व्हील्स” मोबाइल प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। इससे जिले के 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी मिलेगी और उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित होगी। प्रदर्शनी में चंद्रयान, मंगलयान, पीएसएलवी, जीएसएलवी जैसे मिशनों के मॉडल दिखाए गए। स्कूली बच्चों ने इनकी जानकारी प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा दिखाई। यह पहल ग्रामीण बच्चों को विज्ञान, तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
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