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मंगलवार को मानसून सीजन का चार माह पूरा हुआ। अधिकांश समय तक धूप के बीच बादल छाए रहे। शाम 6 बजे तक बारिश नहीं होने की स्थिति मंे लोगों को गर्मी व उमस का सामना करना पड़ा। जिले में सितंबर में 310.5 मिमी औसत बारिश हुई है। जो अगस्त की तुलना में 43.4 मिमी कम है। अगस्त माह में 353.9 मिमी बारिश हुई थी। हालांकि अगस्त की तुलना में कम बारिश होने के बावजूद सितंबर का कोटा पूरा हो चुका है। जो शुभ संकेत है।
सितंबर में बारिश का कोटा 280.1 मिमी है। इस लिहाज से कोटा पूरा होने के अलावा 30.4 मिमी ज्यादा पानी गिरा है। जिले में 1 जून से लेकर 30 सिंतबर तक 1251.3 मिमी बारिश हो चुकी है। जो औसत (1053.9 मिमी) से 197.4 मिमी ज्यादा है। मौसम विभाग व भू-अभिलेख शाखा के अनुसार इस साल मानसून सीजन में बालोद तहसील में 1324 मिमी, गुरूर में 1090.3 मिमी, गुंडरदेही में 1263.4 मिमी, डौंडी में 1299.3 मिमी, डौंडीलोहारा में 1224.2 मिमी, अर्जुंदा में 1210.4 मिमी, मार्रीबंगला देवरी में 1347.6 मिमी बारिश हो चुकी है। पिछले कई दिन से अधिकतम तापमान 30 डिग्री के आसपास है।
धूप खिल रही है, बादल छा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की विदाई अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में हो सकती है। इसके पहले द्रोणिका, चक्रवात कभी सक्रिय तो कभी कमजोर होने से अधिकांश समय तक धूप-बादल के आसार है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बुधवार को धूप के बीच बादल छाए रहने का अनुमान है। दिन का पारा 30 डिग्री के आसपास होने से लोगों को गर्मी व उमस का सामना करना पड़ सकता है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान मौसम विभाग ने लगाया है।
सिंचाई और पेयजल के लिए चार बांधों पर निर्भर, जानें कैसी स्थिति तांदुला- कुल जलभराव क्षमता 38.50 फीट है। वर्तमान में क्षमता से 1.36% ज्यादा पानी भरा है। 38.80 फीट पानी होने से ओवरफ्लो हो रहा है। खरखरा- कुल जलभराव क्षमता 30 फीट है। वर्तमान में निर्धारित क्षमता से 5.48% ज्यादा पानी भरा है। 31 फीट पानी होने से आेवरफ्लो हो रहा है। गोंदली- कुल जलभराव क्षमता 34.10 फीट है। वर्तमान में क्षमता से 0.59% ज्यादा पानी भरा है। 34.30 फीट पानी होने से ओवरफ्लो हो रहा है। मटियामोती- कुल जलभराव क्षमता 20.70 फीट है। वर्तमान में निर्धारित क्षमता से 2.08% ज्यादा पानी भरा है। 20.80 फीट पानी होने से आेवरफ्लो हो रहा है।
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