कोरबा जिले में नगर सैनिकों ने अपने सेनानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने सेनानी पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। महिला नगर सैनिकों ने भी सेनानी पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें पद से हटाने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर
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पुलिसकर्मियों के सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ये नगर सैनिक अपने कमांडेंट ए.के. एक्का के विरुद्ध सड़क पर उतर आए। जनरल परेड के लिए एकत्रित हुए पुरुष और महिला नगर सैनिक धरने पर बैठ गए और कमांडेंट पर विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
एक महिला नगर सैनिक ने बताया कि उन्हें 24 घंटे ड्यूटी स्थल पर रुकने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे उनका दांपत्य जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ‘फटीक’ के नाम पर उनके साथ मजदूरों जैसा व्यवहार किया जाता है और उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी भी दी जाती है।
एक अन्य महिला नगर सैनिक ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि वह जिले के दूरस्थ छात्रावास में ड्यूटी करती हैं। इसके बावजूद उन्हें परेड के लिए फिर से बुलाया जाता है, जिससे बच्चों के साथ इतनी दूर से आना-जाना मुश्किल होता है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि कमांडेंट उनकी समस्याओं पर बात करने से इनकार करते हैं।
आक्रोशित नगर सैनिक सेनानी को हटाए बिना ड्यूटी पर लौटने को तैयार नहीं थे। नगर सैनिकों द्वारा धरना दिए जाने की सूचना मिलते ही कोरबा एसडीएम देवेंद्र पटेल और सीएसपी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर सैनिकों से चर्चा की और उनकी समस्याओं का समाधान कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
अधिकारी की कथित ज्यादती से नाराज नगर सैनिकों की हड़ताल इसके बाद स्थगित कर दी गई। हालांकि, सैनिकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो वे फिर से धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।


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