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तिल्दा-नेवरा: तिल्दा-सिमगा मुख्य मार्ग पर रविवार देर रात एक सड़क दुर्घटना में नर चीतल हिरण की मौत हो गई। यह घटना ग्राम बिलाड़ी स्थित हरियाली ढाबा से लगभग 300 मीटर दूर हुई।
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जानकारी के अनुसार, चीतल किसी अज्ञात और तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटनास्थल पर खून के निशान भी मिले हैं, जो टक्कर की गंभीरता दर्शाते हैं।
इस घटना ने बिलाड़ी जंगल क्षेत्र से वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों और सड़कों पर आने की समस्या को उजागर किया है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बिलाड़ी जंगल में चीतल, नीलगाय सहित बड़ी संख्या में वन्यप्राणी निवास करते हैं।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए नहीं किए गए हैं पर्याप्त उपाय
स्थानीय निवासियों और वन्यजीव प्रेमियों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा इस क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वन विभाग ने जंगल के चारों ओर जानवरों को सड़क पर आने से रोकने के लिए बाड़ लगाई थी। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए संदेह है कि यह बाड़ या तो अधूरा है या इसकी गुणवत्ता खराब है।
चीतल का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वन विभाग के अधिकारी सनत भारती ने बताया कि मृत नर हिरण का पोस्टमार्टम नियमों के अनुसार किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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