राजनांदगांव में छात्र को पीटने के आरोप में महिला टीचर अरेस्ट।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में टीचर की पिटाई के बाद 7th क्लास के स्टूडेंट की सुनने की क्षमता 70-80 प्रतिशत तक डैमेज हो गई। वह सुन नहीं पा रहा है। घटना डोंगरगढ़ के खालसा पब्लिक स्कूल की है।
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समय पर बुक नहीं निकाल पाने पर टीचर प्रियंका सिंह (45) ने छात्र को एक के बाद एक 4 जोरदार थप्पड़ मारे, जिससे उसका दोनों कान डैमेज हुआ है। मामला डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पहले देखिए तस्वीरें…

स्टूडेंट की पिटाई करने वाली आरोपी टीचर गिरफ्तार।

स्टूडेंट सार्थक सहारे की सुनने की क्षमता 80% तक कम हो गई है।

डोंगरगढ़ के खालसा पब्लिक स्कूल का मामला है।
अब जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, घटना 2 जुलाई 2025 की है। कक्षा 7वीं का छात्र सार्थक सहारे (13) हमेशा की तरह स्कूल गया था। इस दौरान सोशल साइंस की टीचर प्रियंका सिंह क्लास लेने के लिए आई।
टीचर ने छात्र सार्थक को किताब निकालने के लिए कहा, लेकिन उसे बुक निकालने में देरी हो गई। छात्र ने टीचर से दोबारा पूछा कि मैम आपने क्या कहा है, मैं सुन नहीं पाया हूं। इससे टीचर गुस्से से तमतमा उठीं और 3-4 थप्पड़ मार दिए।
थप्पड़ से आई गंभीर चोट, सुनाई देना हुआ बंद
सार्थक की मां संतोषी सहारे ने बताया कि उनका बेटा स्कूल से घर लौटते ही बोला कि मम्मी, मुझे अब सुनाई नहीं दे रहा। घबराए परिजन तत्काल उसे डोंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर्स ने प्रारंभिक जांच में बताया कि छात्र के कान में अंदरूनी चोट आई है।
इसके बाद डॉक्टर्स ने सार्थक को राजनांदगांव जिला अस्पताल, फिर रायपुर के निजी अस्पताल में रेफर किया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि चोट गहरी है। इलाज लंबा चल सकता है। अभी भी छात्र को सुनने में तकलीफ है। हालांकि अस्पताल से उसे इलाज के बाद छुट्टी मिल गई थी।

पीड़ित छात्र के परिजन सहित अन्य अभिभावकों ने बीईओ से की टीचर के खिलाफ शिकायत।
कई छात्रों को पीटने का आरोप
परिवार की शिकायत के समर्थन में एक अन्य छात्रा श्वेता गजभिए ने कहा कि टीचर प्रियंका सिंह पहले भी कई छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार कर चुकी हैं, लेकिन बच्चे डर की वजह से चुप रहते हैं। श्वेता के अनुसार टीचर बच्चों से चीखकर बात करती हैं और मारने में संकोच नहीं करतीं।
स्कूल प्रबंधन पर मामले को दबाने का आरोप
पीड़ित छात्र के पिता सुधाकर सहारे ने बताया कि वे पिछले 9 महीनों से अपने बच्चे को न्याय दिलाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे। अब जाकर प्रियंका सिंह की गिरफ्तारी हुई है।
उन्होंने कहा कि अभी तक स्कूल प्रबंधन की तरफ से परिवार को कोई मदद नहीं मिली है। उल्टा, स्कूल ने मामले को दबाने और उन्हें गलत साबित करने की कोशिश की। इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मीडिया का धन्यवाद किया, क्योंकि मीडिया के समर्थन से दबाव बना और कार्रवाई हो सकी।
टीचर को सस्पेंड करने की मांग
छात्र की मां संतोषी सहारे ने कहा कि हम बस चाहते हैं कि हमारे बच्चे को न्याय मिले। स्कूल टीचर को सस्पेंड किया जाए। बच्चे के इलाज का खर्च स्कूल उठाए। यह कोई मामूली सजा नहीं थी, बल्कि हमारे बच्चे की जिंदगी पर हमला है।
टीचर ने गलती की है तो कार्रवाई होगी – स्कूल प्रबंधन
स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष अदनान सिंह अरोरा ने बताया कि हर मीटिंग में टीचर्स हो हिदायत दी जाती है कि बच्चों पर हाथ नहीं उठाया जाए। अगर टीचर ने गलती की है तो कार्रवाई होगी।
डोंगरगढ़ एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पुराने लंबित मामलों की समीक्षा की गई। इसके बाद थाना प्रभारी को सभी पुराने मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए गए।
इसी के तहत खालसा स्कूल मामले में कार्रवाई की गई। इस मामले की मुख्य आरोपी प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में महिला टीचर ने छात्र को पीटा, जिससे सुनाई नहीं दे रहा है। रायगढ़ में भी 3 साल के बच्चे की पिटाई हुई है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में सातवीं कक्षा के छात्र को पीटा गया है। महिला टीचर ने समय पर किताब न निकाल पाने पर छात्र को एक के बाद एक चार जोरदार थप्पड़ जड़ दिए, जिससे उसके कानों में गंभीर चोट पहुंची। वह सुन नहीं पा रहा है। मामला डोंगरगढ़ के खालसा पब्लिक स्कूल का है। पढ़ें पूरी खबर…
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