अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते हुए वार्ड पार्षद और वार्डवासी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में वार्ड क्रमांक-43 के गोद ग्राम में लंबे समय से अधूरे पड़े विकास कार्यों को लेकर वार्डवासियों ने आखिरकार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि JSPL फैक्ट्री की तरफ से CSR मद से कराए जाने वाले विकास कार्यों की मांग
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दरअसल, सोमवार सुबह करीब 7 बजे वार्ड पार्षद विष्णुचरण पटेल के नेतृत्व में ग्रामीण जिंदल सीमेंट प्लांट के पास पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में गंगा तालाब का गहरीकरण कार्य आदेश निरस्त करना, ग्राम गोरखा में बोर खुदाई, गंगा सागर तालाब के पास पुलिया निर्माण, सरायपाली-बंगलाडीपा में पानी की टंकी और ग्राम बरमुड़ा में स्वागत द्वार निर्माण शामिल है।

विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से चर्चा करते जिंदल फैक्ट्री के अधिकारी-कर्मचारी।
5 घंटे बाद आंदोलन समाप्त
ग्रामीणों ने बताया कि इन मांगों को लेकर 31 अक्टूबर को कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया था और 3 नवंबर को आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। तय समय पर धरना शुरू हुआ तो कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सभी कार्यों को नवंबर माह में शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद लगभग 5 घंटे बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
लंबे समय से कर रहे मांग
वार्ड पार्षद विष्णुचरण पटेल ने कहा कि पिछले एक साल से लगातार CSR मद से विकास कार्यों की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अब कंपनी ने लिखित में काम शुरू करने की बात कही है, इसलिए आंदोलन फिलहाल खत्म किया गया है।
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