ज्ञापन सौंपकर बताया गया कि अगर 8 अक्टूबर तक मांग पूरी नहीं होती है तो चक्काजाम किया जाएगा
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के छाल क्षेत्र में कई तरह ही समस्याएं हैं। जिसे लेकर ग्रामीणों ने अपनी मांग रखी, लेकिन उनकी मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है और समस्याओं को दूर करने की मांग की
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सोमवार को तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि छाल क्षेत्र में हाथी से बढ़ते जनहानि और फसल नुकसान से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
ऐसे में उचित मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा धूल चौक बांधापाली से नवापारा तक 3 KM तक सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसे तल्काल मरम्मत किया जाने की बात कही।
खरसिया, पत्थलगांव मुख्य मार्ग ऐडू पुल से छाल, हाटी, धरमजयगढ़ तक सड़क मरम्मत तत्काल किया जाए। ग्राम गढ़ाईन बाहरी के सीमा से लगे हुए विदेशी मदिरा दुकान को अन्यत्र जगह पर विस्थापित किया जाए और पुरूंगा में कोल माईंस को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है।

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के द्वारा लिखित में अपनी मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा
अलग-अलग मांगो को लेकर सौंपा ज्ञापन गांव के शौकीलाल नेताम ने बताया कि अलग-अलग समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। हाथी से नुकसान होने पर उचित मुआवजा, सड़क और अन्य तरह की समस्याओं को दूर करने की मांग की जा रही है। पुरूुंगा क्षेत्र में कोल माइंस प्रस्तावित है। उसका भी जमकर विरोध किया जा रहा है।
9 अक्टूबर को करेंगे चक्काजाम छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष महेन्द्र सिदार ने बताया कि जब किसी खेत में हाथी फसल नुकसान करता है, तो धान अगर बड़ा हो जाता है तो एक एकड़ में 9 हजार रुपए मिलता है। जबकि उससे ज्यादा किसान का खर्च हो जाता है।
उन्होंने बताया कि छाल से धरमजयगढ़ की ओर की सड़क खराब होने से हर दिन लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। 8 अक्टूबर तक मांगो को पूरा नहीं किया जाता है, तो 9 अक्टूबर से क्षेत्र में चक्काजाम किया जाएगा।
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