रायपुर5 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सिविल सेवा परीक्षा-2024 के जरिए चुने गए IPS अधिकारियों के लिए अलग-अलग राज्यों में कैडर बांटने के लिए वैकेंसी की लिस्ट जारी कर दी है। देशभर में कुल 147 आईपीएस पदों का वितरण किया गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश के हिस्से एक भी पद नहीं आया है।
अधिसूचना के अनुसार, पश्चिम बंगाल को सबसे अधिक 15 IAS पद मिले हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश को 14, उत्तर प्रदेश को 12, असम-मेघालय और मध्य प्रदेश को 11-11 और महाराष्ट्र को 10 पद आवंटित किए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के लिए कोई पद अधिसूचित नहीं किया गया है।

नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय।
इस साल कोई अधिकारी रिटायर्ड नहीं होने वाला
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि, अगले एक साल तक राज्य में कोई भी IPS अधिकारी रिटायर नहीं होगा। यही वजह है कि नए पद खाली नहीं हैं। अधिकारियों के अनुसार, राज्य ने केंद्र को कोई वैकेंसी नहीं भेजी, इसलिए इस बार नए IPS अधिकारियों के कैडर आवंटन में छत्तीसगढ़ का नाम शामिल नहीं किया जा सका।
जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में छत्तीसगढ़ में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के कुल 153 स्वीकृत पद हैं। इनमें 31 पद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के लिए तय हैं। फिलहाल 11-12 आईपीएस अधिकारी केंद्र में डेपुटेशन पर हैं, जबकि बाकी अधिकारी राज्य में पदस्थ हैं। अधिकांश पद भरे होने की वजह से फिलहाल कोई नई रिक्ति नहीं है।
2027 में केवल एक आईपीएस अधिकारी होंगे रिटायर
अधिकारियों का कहना है कि, अगर राज्य सरकार ने विशेष प्रयास कर नए पद नहीं बनवाए तो अगले साल भी छत्तीसगढ़ को नए आईपीएस अधिकारी नहीं मिल सकते। साल 2027 में भी केवल एक आईपीएस अधिकारी के रिटायर होने की संभावना है। ऐसे में लगातार रिक्तियां नहीं निकलने से आईपीएस कैडर के प्रबंधन पर असर पड़ सकता है।
देशभर में 147 पदों का वितरण
केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी सूची के अनुसार, 147 पदों में 74 अनारक्षित, 41 ओबीसी, 22 एससी और 10 एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। पश्चिम बंगाल (15), आंध्र प्रदेश (14), उत्तर प्रदेश (12), असम-मेघालय (11), और मध्य प्रदेश (11) , महाराष्ट्र को 10, राजस्थान को 9, बिहार और ओडिशा को 8-8 पद आवंटित किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश को इस कैडर वितरण में 0 पद आवंटित किए गए हैं।
क्यों नहीं मिला छत्तीसगढ़ को कोई पद?
- अगले एक साल में कोई आईपीएस अधिकारी रिटायर नहीं होगा
- राज्य में नई रिक्तियां नहीं बनीं
- केंद्र को कोई पद नहीं भेजा गया
- अधिकांश स्वीकृत पद पहले से भरे हुए हैं
- अगले साल भी रिक्तियां नहीं बनने की आशंका

<
