हाथी से बचने के लिए गोद में बच्चे को लेकर भागता युवक
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक हाथी ने बाइक सवार युवकों को दौड़ा दिया। इसका वीडियो भी सामने आया है। हाथी तेजी से उनके तरफ आ रहा था। 2 युवक और बच्चे को गोद में लिए भाग कर अपनी जान बचाई। घटना तमनार रेंज के सामारूमा जंगल की है।
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यह वीडियो करीब 13 दिन पुराना है, जो अब सामने आया है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हाथी से बचने के लिए एक युवक अपने बच्चे को गोद में उठाकर तेजी से भागा। जिसके बाद हाथी भी रुक गया और उनकी जान बच गई। हाथी ने सड़क पर कुछ दूर ही उन्हें दौड़ाया था।
इधर गरियाबंद जिले में एक 15 साल के बीमार नर हाथी ने युवक को उठाकर पटक दिया जिससे उनकी मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी मुंह में छाले होने के कारण भूखा और आक्रामक था। इसलिए उसने ऐसा किया।

हाथी ने थोड़ी दूर तक उन्हें दौड़ाया।

युवकों के भागने के बाद हाथी वहीं रुक गया था।
रायगढ़: दोनों बाइक में सवार थे
हाथी को सड़क किनारे देख दोनों ओर से वाहनों को रोक दिया गया था, लेकिन तभी धरमजयगढ़ की ओर से रायगढ़ जा रहे एक बाइक सवार ने उसे नहीं देखा और आगे बढ़ गया। बाइक में 2 युवक और एक बच्चा सवार थे।
जैसे ही हाथी सड़क के ऊपर आया, युवकों ने बाइक को वहीं छोड़कर भागना शुरू कर दिया। बच्चे को गोद में लेकर युवक भागने लगे। जिसका वीडियो सामने आया है।
हाथी ने उन्हें कुछ दूर दौड़ाया, लेकिन वे भाग कर अपनी जान बचा लिए। अब यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

हाथी का सड़क पर आने के बाद दोनों ओर से वाहनों को रोक दिया गया था।
गरियाबंद: बीमार हाथी ने ली युवक की जान
गरियाबंद जिले के कोदोमाली में उदंती सीता नदी अभ्यारण्य में एक बीमार हाथी ने 11 अक्टूबर की रात एक ग्रामीण को कुचलकर मार डाला। जंगल राम (45 साल) जो कमार जनजाति से थे, उदंती नदी के पार स्थित अपने घर के आंगन में थे।
घर के बाहर लघुशंका के लिए निकलते ही हाथी ने उन्हें सूंड से पकड़कर पटक दिया। उनकी चीख सुनकर पत्नी जिला बाई बाहर आईं, लेकिन हाथी ने जंगल राम को तब तक कुचलता रहा जब तक उनकी मौत नहीं हो गई।

उदंती सीता नदी अभ्यारण्य में घूम रहा यह हाथी बीमार है। जिसके इलाज की अनुमति नहीं मिल रही है।

इसी हाथी ने आक्रामक होकर ग्रामीण की जान ले ली।
हाथी के इलाज की अनुमति नहीं, आक्रामक हो रहा
वन विभाग का कहना है कि इस क्षेत्र में मानव-हाथी द्वंद्व की घटना ढाई साल बाद हुई है। यह 15 वर्षीय नर हाथी मुंह में छाले होने के कारण भूखा और आक्रामक था। अधिकारियों को हाथी के सटीक उपचार के लिए ट्रैक्युलाइजेशन (बेहोश करने) की अनुमति नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उसकी स्थिति बिगड़ रही है।
घटना की सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और जंगल राम को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके गुप्तांग और पसलियां कुचली हुई मिली।

मृतक जंगल राम।
मृतक के परिवार को मिलेगा मुआवजा
उपनिदेशक वरुण जैन ने पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 25 हजार रुपए नकद दिए। जैन ने बताया कि जनहानि का प्रकरण जल्द ही तैयार किया जाएगा, जिसके तहत मृतक के परिवार को 6 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। उन्होंने तौरेंगा रेंज के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील भी की है।

कुछ दूर हाथी ने दौड़ाया फिर वहीं ठहर गया, इससे उसकी जान बच गई।
रायगढ़ में पहले भी हो चुकी है घटना
रायगढ़ जिला के दो वन मंडल में हाथियों की मौजूदगी साल भर रहती है। आए दिन ये जंगल से निकलकर सड़कों पर आ जाते हैं। करीब 13 दिन पहले 30 सितंबर को भी ऐसा ही मामला सामने आया था।
जब तमनार रेंज के सामारूमा जंगल के कक्ष क्रमांक 847 RF और 846 RF के पास एक दंतैल हाथी सड़क के किनारे पहुंच गया था। उस समय भी दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई थी।
जिले में 70 से ज्यादा हाथियों की मौजूदगी
जिले के रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल के जंगल में 70 हाथियों की मौजूदगी है। धरमजयगढ़ वन मंडल में 49 हाथी हैं। जिसमें सबसे अधिक हाथी कापू रेंज में 17 और बाकारूमा रेंज में 12 है।
इसके अलावा धरमजयगढ़, लैलूंगा, बोरो और छाल रेंज में भी हाथियों की मौजूदगी है। वहीं शनिवार (11 अक्टूबर) के रिपोर्ट के मुताबिक, रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा रेंज में 21 हाथी विचरण कर रहे हैं।
फसलों को भी नुकसान किया
11 अक्टूबर की रात धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू, बाकारूमा और छाल रेंज में हाथियों ने फसलों को भी नुकसान किया है। कापू रेंज के सलका, सोनाजोरी, बीजापानी, अलोला, सकालो और जाताटिकरा में 81 किसानों की फसल को रौंदा है। इसके अलावा बाकी जगह 1-1 किसानों की फसल को नुकसान किया।
हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रहे
इस संबंध में तमनार रेंजर विक्रांत विजेंद्र ने बताया कि जो वीडियो अभी सामने आया है, वह पुराना है। तमनार रेंज में अभी हाथियों की मौजूदगी नहीं है।
हाथी जब होते हैं और वे रोड क्रॉस करने सड़क किनारे आते हैं, तो दोनों ओर से वाहनों को रोककर उन्हें रोड क्रॉस कराया जाता है। हाथियों के मूवमेंट पर लगातार नजर रखा जाता है। हाथी के आने पर तत्काल प्रभावित गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जाता है।
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