बस्तर में भारी बारिश से हालात बिगड़े, इंद्रावती उफान पर; 25 सितंबर को सभी स्कूल बंद, ट्रेनें और फ्लाइट रद्द


बस्तर में बुधवार रात से लगातार हो रही भारी बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण कई सड़कें, पुलिया और रपट जलमग्न हो गई हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बच्चों की सुरक्षा और बारिश की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी ने 25 सितंबर को जिले के सभी शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। इस दिन होने वाली त्रैमासिक परीक्षा के संबंध में अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे। 24 सितंबर को भी जिले के स्कूल बंद रहे थे।
भारी बारिश के कारण रायगढ़ मंडल के MVG-CTS स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन हुआ है। इसके चलते 25 सितंबर को किरंदुल-विशाखापट्टनम रेल मार्ग पर चलने वाली दोनों प्रमुख ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। वहीं, बारिश और खराब मौसम के कारण जगदलपुर से हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट भी रद्द कर दी गई है। खराब मौसम में फ्लाइट के लैंडिंग और टेकऑफ में दिक्कत की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
लगातार बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के तटीय और निचले इलाकों में प्रशासन की ओर से मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। कलेक्टर आकाश छिकारा ने SDM, तहसीलदारों और होमगार्ड कमांडेंट को फील्ड में रहकर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। जिन रपटों और पुल-पुलियों के जलमग्न होने की आशंका है, वहां दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई है। कोटवार और निगरानी दल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदी, नालों और रपटों को पार नहीं करने की अपील की है तथा आपात स्थिति में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा गया है।
जगदलपुर के गंगा मुंडा इलाके के साथ ही कई निचली बस्तियों में नालियां जाम हो गई हैं और बारिश का पानी सड़कों पर भर गया है। धरमपुरा इलाके में भी जलभराव की स्थिति है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड समेत कई निचली बस्तियों में जलभराव हुआ है और श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड में नालियों का पानी लोगों के घरों में घुस गया है।
इन्जरम की मुख्य पुलिया बंद होने से हजारों लोगों का आना-जाना प्रभावित हुआ है। जगदलपुर-बीजापुर नेशनल हाईवे-63 पर केशलूर के पास बारिश का पानी भर गया है, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। केशलूर और मारेंगा के बीच बाहर नाला उफान पर है और सड़क जलमग्न हो गई है।
सुकमा और बीजापुर जिले के कई गांव टापू में बदल गए हैं। सुकमा पुलिस ने नागरिकों और वाहन चालकों से सुरक्षा को देखते हुए 5 मार्गों पर फिलहाल आवागमन से बचने की अपील की है।
सुकमा जिले के कोंटा में शबरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 43.02 मीटर दर्ज किया गया, जो डेंजर लेवल 42 मीटर से 1.02 मीटर ऊपर है। नदी का वार्निंग लेवल 40.50 मीटर है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने आम लोगों से नदी और उसके आसपास के निचले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है तथा नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन नहीं करने को कहा गया है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रखने की अपील की गई है।
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन पूरी सतर्कता और सावधानी बरतें। आपात स्थिति में एसडीएम कोंटा सुभाष शुक्ला के मोबाइल नंबर 9752806423 और तहसीलदार निधि प्रधान के मोबाइल नंबर 6263199166 पर संपर्क किया जा सकता है।


