बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में चार दिवसीय सूर्य उपासना महापर्व छठ का समापन कन्हर नदी के तट पर हुआ। 28 अक्टूबर की सुबह हजारों व्रतियों ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर श्रद्धा और भक्ति के साथ इस लोक आस्था के महान पर्व का विधिवत समापन किया।
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पर्व के अंतिम दिन नवयुग दुर्गा पूजा संघ द्वारा विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह काशी से पधारे ब्राह्मणों की टोली ने भव्य गंगा आरती की, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान दीपों की रोशनी से पूरा घाट आलोकित हो उठा और वातावरण ‘हर हर गंगे’ के जयघोष से गूंज उठा।

छठ घाट पर भारी भीड़ उमड़ी
सात घोड़ों पर सवार भगवान सूर्य की प्रतिमा के समक्ष व्रतियों और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। छठ घाट पर भारी भीड़ उमड़ी, जहां महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में फल, दूध और ठेकुआ जैसे प्रसाद लिए अर्घ्य देने पहुंचीं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच पर्व संपन्न
इस अवसर पर नगर की व्यवस्था बनाए रखने में नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल सक्रिय रहे। उन्होंने सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की निगरानी की। अंबिकापुर के पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की भी छठ घाट पहुंचे और श्रद्धालुओं के साथ भगवान सूर्य से प्रदेश में सुख-शांति की कामना की।
धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सामूहिक एकता के इस महापर्व ने रामानुजगंज नगर को चार दिनों तक आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। समापन के साथ ही श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और अगले वर्ष पुनः इसी उत्साह के साथ पर्व मनाने का संकल्प लिया।
छठ पूजन के दौरान अलग-अलग आयोजनों को सफल बनाने में आलोक गुप्ता, अमित जायसवाल, जितेश केसरी, सत्यम गुप्ता सहित अन्य लोग सक्रिय रहे।
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