छह साल से पट्टे का इंतजार कर रहीं मनेन्द्रगढ़ की महिलाएं, कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जताई नाराजगी


मनेन्द्रगढ़ शहर की झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में रहने वाली महिलाएं पिछले छह साल से जमीन के पट्टे का इंतजार कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने साल 2020 में चालान के जरिए तय राशि भी जमा कर दी थी, लेकिन अब तक जमीन का पट्टा जारी नहीं हुआ है। इसके बाद भी उन्हें जमीन का कानूनी अधिकार नहीं मिल सका है।
शासन के आदेश के बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने से नाराज महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और जल्द पट्टा देने की मांग की। महिलाओं ने बताया कि पट्टा पाने के लिए उन्होंने 2020 में निर्धारित राशि चालान के जरिए जमा की थी।
महिलाओं का आरोप है कि सरकार की ओर से समय-समय पर सर्वे कर पात्र लोगों को पट्टा देने के निर्देश जारी किए गए, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। इसी वजह से वे वर्षों से पट्टे का इंतजार कर रही हैं।
वार्ड पार्षद अजय जायसवाल के अनुसार, पिछली और मौजूदा छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से निकाय क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों का सर्वे कर उन्हें जमीन का पट्टा देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी आदेश के मुताबिक, पात्र लोगों को अधिकतम 800 वर्गफीट तक की जमीन का पट्टा दिया जाना है।
महिलाओं ने कलेक्टर से जल्द सर्वे पूरा कराने और पात्र लोगों को पट्टा जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि पट्टा मिलने से उन्हें अपने घर पर कानूनी अधिकार मिलेगा और सालों पुरानी परेशानी खत्म होगी।
महिलाओं का कहना है कि जमीन का पट्टा मिलने के बाद वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले सकेंगी। इससे कच्चे मकानों को पक्का बनाने का उनका सपना पूरा हो सकेगा।
इस मामले में मनेन्द्रगढ़ के एसडीएम और नोडल अधिकारी लिंगराज सिदार ने बताया कि निकाय क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले 600 लोगों का सर्वे किया गया है। इनमें से 292 लोग पात्र पाए गए हैं।
एसडीएम के मुताबिक, पात्र लोगों से कब्जे से जुड़े और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेज प्राप्त होने के बाद पात्र लोगों की सूची तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।



