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भारतीय हॉकी के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 7 नवंबर को पूरे देश में एक साथ एक हजार से ज्यादा हॉकी मैच खेले जाएंगे। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित हॉकी नर्सरी राजनांदगांव में भी इस पर्व को उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। इस संबंध में आयोजन को सफल बनाने जिला हॉकी संघ की बैठक स्थानीय दिग्विजय स्टेडियम में छत्तीसगढ़ हॉकी एवं जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी की अध्यक्षता तथा जिला हॉकी संघ के सचिव शिवनारायण धकेता, नीलम जैन, रमेश डाकलिया, कुतुबुद्दीन सोलंकी, अजय झा, आशा थॉमस, मृणाल चौबे, रामावतार जोशी, तीरथ गोस्वामी की विशेष उपस्थिति में सम्पन्न हुईं।
बैठक के दौरान अंसारी ने बताया कि यह आयोजन भारतीय हॉकी के 100 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। 7 नवंबर 1925 को देश में पहली हॉकी प्रशासनिक संस्था का गठन हुआ था। इसके बाद 1928 में एम्स्टर्डम ओलंपिक में भारतीय टीम ने नीदरलैंड को हराकर अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता। तब से अब तक भारतीय हॉकी टीम ने कुल आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं जो किसी भी देश द्वारा हॉकी में जीते गए सबसे अधिक स्वर्ण पदक हैं। शताब्दी वर्ष के महत्व पर कार्यक्रम संयोजक मृणाल चौबे ने कहा कि भारतीय हॉकी ने विश्व स्तर पर जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे हमारे देश की खेल विरासत को उजागर करती हैं। 100 वर्ष पूरे होने का यह अवसर पूरे गर्व और उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए।
राजनांदगांव में पुरुष और महिला टीम भिड़़ेगी राजनांदगांव में भी एक पुरुष एवं एक महिला टीम के बीच मैच आयोजित किया जाएगा। साथ ही दिनभर विभिन्न टीमों के बीच मैच होंगे। इसी क्रम में 3 से 7 नवंबर तक शहर की विभिन्न स्कूलों में इस विषय में सामान्य ज्ञान, कार्यशाला आदि कार्यक्रम आयोजित होंगे। पूरे भारत के लगभग 650 जिलों में एक साथ मैच खेले जाएंगे। जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि आयोजन की तैयारी पूर कर ली गई है। लोगों में उत्साह है।
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